Home प्रेसनोट लोकसभा सत्र में पदोन्नति बिल पास कराने को लेकर संघर्ष समिति का...

लोकसभा सत्र में पदोन्नति बिल पास कराने को लेकर संघर्ष समिति का आर-पार की लड़ाई का ऐलान

0
508
  • संघर्ष समिति का ऐलान प्रदेश के पुर्वांचल, बुन्देलखड, पश्मिांचल व अवध प्रान्त में किये जायेंगे विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन। 
  • अवध प्रान्त के अन्तर्गत जनपद अम्बेडकर नगर में 9 जुलाई को आयोजित होगा विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन।
  • संघर्ष समिति ने योगी सरकार से की मांग सरकार करे पुनर्विचार अभी भी सपा सरकार की भांति इस सरकार में भी दलित कार्मिक हाशिये पर क्यों?
17 जुलाई से शुरू हो रहे लोकसभा के सत्र में पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल पास कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र ने अपनी लामबन्दी तेज करते हुए देश के लगभग 147 दलित सांसदों से सम्पर्क व मुलाकात का सिलसिला तेज कर दिया है और वहीं दूसरी ओर आज संघर्ष समिति की प्रान्तीय कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश के पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड, पश्मिांचल व अवध प्रान्त में आरक्षण बचाओ महासम्मेलन आयोजित कर मोदी सरकार पर दबाव बनाने का निर्णय भी लिया गया। उसी क्रम में 9 जुलाई को प्रदेश के अवध प्रान्त अम्बेडकर नगर में विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, बारिश के मद्देनजर संघर्ष समिति अम्बेडकर नगर इकाई द्वारा विशाल वाटरप्रूफ पण्डाल लगवाया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम में कोई व्यवधान न हो।
सम्मेलन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में आरक्षण समर्थक भाग ले रहे हैं। महासम्मेलन में पदोन्नतियों में बिल पास कराने व प्रदेश में हो रहे दलित कार्मिकों के उत्पीड़न पर भी व्यापक विचार विमर्श कर अनेकों महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये जायेंगे।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आर.पी. केन, अनिल कुमार, अन्जनी कुमार, बनी सिंह, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, श्री निवास राव, अजय चैधरी, चन्दशेखर ने अपने बयान में कहा कि जिस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार में पिछले लगभग 3 वर्षों से ज्यादा व्यतीत हो जाने के बाद भी लोकसभा से पदोन्नति बिल पास नहीं किया गया, उससे पूरे प्रदेश में आरक्षण समर्थक 8 लाख कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है। पदोन्नति बिल पास न होने का सहारा लेकर प्रदेश के शिक्षा विभाग में आये दिन दलित शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिससे प्रदेश के लाखों दलित शिक्षक भी आक्रोशित हैं।
संघर्ष समिति के नेताओं ने पुनः अपनी बात दोहराते हुए उप्र में योगी सरकार से गुजारिश की है कि प्रदेश के सभी विभागों में दलित कार्मिकों को भी उचित स्थान देकर सम्मानजनक तैनाती दी जाये। अभी तक का जो नतीजा सामने आ रहा है उसमें सपा सरकार की भांति इस सरकार में भी दलित कार्मिक हाशिये पर रखे गये हैं, जो चिन्ता का विषय है।