नाले चोक, सड़कें जलमग्न, आवागमन व्यवस्था चरमराई, औद्योगिक क्षेत्र कानपुर में जलजमाव
लखनऊ/कानपुर/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कई शहरों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। दो से तीन घंटे की बारिश ने सड़कों को तालाब और गलियों को नदियों में तब्दील कर दिया। नालों की सफाई के दावों के बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था चरमराई, जिससे कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। लखनऊ के अलावा कानपुर और प्रयागराज में भी जलभराव और यातायात जाम की स्थिति देखी गई।
लखनऊ: सड़कें डूबीं, नाले उफने
लखनऊ में बारिश के बाद गोमती नगर, हजरतगंज, और आलमबाग जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। गोमती नगर के विभूति खंड में सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। हजरतगंज के मॉल एवेन्यू और कैसरबाग में नालों से गंदगी सड़कों पर बहने लगी, जिससे बदबू और असुविधा बढ़ गई। एक स्थानीय निवासी, रमेश सिंह, ने बताया, “हर साल बारिश में यही हाल होता है। नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई होती है।”
चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर जलभराव के कारण यात्रियों को सामान के साथ पानी में उतरकर प्लेटफॉर्म तक पहुंचना पड़ा। ऐशबाग में एक मोटरसाइकिल सवार के नाले में फिसलने की घटना हुयी, जिसमे स्थानीय निवासियों ने उसे बाहर निकाल लिया।

कानपुर: औद्योगिक क्षेत्र में जलजमाव

कानपुर के पनकी और दादानगर औद्योगिक क्षेत्रों में बारिश के बाद फैक्ट्रियों के आसपास पानी भर गया। जलनिकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण कई छोटे उद्यमों को अस्थायी रूप से काम रोकना पड़ा। एक उद्यमी, अजय गुप्ता, ने कहा, “नाले ऊंचे होने के कारण पानी निकलता नहीं, और हर बारिश में फैक्ट्रियों में पानी घुस जाता है।” नगर निगम की टीमें पंपिंग सेट के साथ दिनभर जलभराव से निपटने में जुटी रहीं, लेकिन स्थिति सामान्य होने में समय लगा।
प्रयागराज: गंगा किनारे बस्तियों में संकट
प्रयागराज: नदी किनारे बस्तियों में हाहाकार : प्रयागराज में गंगा के तटवर्ती इलाकों, जैसे दारागंज और मुट्ठीगंज, में बारिश के बाद जलजमाव ने लोगों का जीना दूभर कर दिया। सड़कों पर पानी और कीचड़ का मिश्रण होने से पैदल चलना तक चुनौतीपूर्ण हो गया। स्थानीय निवासी राधा मिश्रा ने बताया, “बरसात में बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गलियाँ तालाब जैसी हो जाती हैं।” संगम क्षेत्र में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को भी जलभराव के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
खतरे बने खुले नाले
लखनऊ के रकाबगंज और कानपुर के जूही क्षेत्र में खुले नालों ने खतरा बढ़ाया। रकाबगंज में एक बच्चा साइकिल चलाते समय नाले में गिर गया, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे तुरंत बचा लिया। कानपुर में एक ऑटो रिक्शा के नाले में फंसने की घटना भी सामने आई। इन घटनाओं ने नालों को ढकने की मांग को फिर से तेज कर दिया है।
नगर निगम का दावा और हकीकत
लखनऊ नगर निगम ने जलभराव की शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर (9219902911-14) जारी किए हैं, दावा करते हुए कि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी। हालांकि, कई निवासियों का कहना है कि शिकायत के बाद भी समाधान में देरी होती है। कानपुर और प्रयागराज में भी स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किए, लेकिन स्थायी समाधान की कमी साफ दिखी।
नागरिकों की नाराजगी
लखनऊ के डालीगंज निवासी मोहम्मद फैज़ान ने कहा, “स्वच्छता में नंबर वन का दावा करने वाले शहर में बारिश के बाद सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं।” इसी तरह, प्रयागराज के नैनी क्षेत्र के राकेश यादव ने बताया, “हर बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं, लेकिन अधिकारी सिर्फ मीटिंग करते हैं।”
अभी बाकी है बारिश का मौसम
विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब नालों की नियमित सफाई, उचित जलनिकासी प्रणाली, और खुले नालों को ढकने का काम प्राथमिकता से किया जाए। बारिश का मौसम अभी बाकी है, और शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार गंभीरता दिखाएगा।
क्या है मौसम की स्थिति
- बारिश की ताजा जानकारी के अनुसार आज 3 अगस्त 2025, दोपहर 3:00 तक मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ: तेज बारिश से हजरतगंज, जानकीपुरम, और राजाजीपुरम में सड़कें पानी से लबालब। वाहन चालकों को भारी असुविधा, कई मार्ग बंद हैं।
- कानपुर: जाजमऊ और किदवई नगर में जलभराव की स्थिति। औद्योगिक इकाइयों में पानी घुसने से उत्पादन प्रभावित।
- प्रयागराज: गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाघंबरी और सलोरी में सड़कें डूबीं। तीर्थयात्रियों को संगम पहुंचने में दिक्कत।
- मौसम विभाग की चेतावनी: उत्तर प्रदेश, झारखंड, और हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अनुमान।
- शिकायत निवारण: लखनऊ में जलभराव की समस्या के लिए नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 9219902915-18 पर कॉल करें।







