साहित्य लोक संस्कृति का वाहक है: मनोज सिन्हा

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  • राज्यपाल एवं केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री ने पं. श्रीलाल शुक्ल पर विशेष कवर जारी किया
  • रागदरबारी पं. श्रीलाल शुक्ल की लोकप्रिय रचना है – श्री नाईक
लखनऊ: 18 अगस्त, 2017, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज राजभवन में केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रेल राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा की उपस्थिति में प्रसिद्ध साहित्यकार पद्म भूषण पं. श्रीलाल शुक्ल पर एक विशेष कवर एवं विशेष विरूपण जारी किया। इस अवसर पर इफ्को के प्रबन्ध निदेशक एवं सीपीओ श्री यूएस अवस्थी, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री वाईवी राय, स्वर्गीय श्रीलाल शुक्ल के पुत्र श्री आशुतोष शुक्ल एवं उनके परिजन सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पद्म भूषण स्वर्गीय श्रीलाल शुक्ल  34 वर्ष की लम्बी प्रशासनिक सेवा के बाद सेवानिवृृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद साहित्य लेखन समय का अच्छा सदुपयोग है। रागदरबारी उनकी लोकप्रिय रचना है, जिसका 15 भाषाओं में अनुवाद हुआ है। पं. श्रीलाल शुक्ल द्वारा लिखित साहित्य की भेंट को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि ‘उनका साहित्य वास्तव में खजाना है। पुस्तकें अकेलेपन की दोस्त होती हैं। अब उनकी किताबें मिली हैं तो जरूर पढृूंगा।’ श्री शुक्ल ने सेवानिवृत्ति के बाद भी साहित्य सृजन का कार्य जारी रखा। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि डाक विभाग द्वारा 31 मई, 2017 को  पांच शीर्ष साहित्यकारों – प्रो. बलवन्त गार्गी, श्री भीष्म साहनी, श्री केवी पुट्टपा, पं. श्रीलाल शुक्ल एवं श्री किशन चन्देर पर स्मारकीय डाक टिकट जारी किया था।
श्री नाईक ने केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा की सराहना करते हुए कहा कि श्री सिन्हा की पहचान जुझारू सांसद और कार्यक्षम मंत्री के रूप में है। श्री सिन्हा से मेरा पुराना संबंध रहा है। दोनों ने एक साथ लोकसभा और पार्टी में काम किया है। उन्होंने डाक टिकट जारी करने के लिए दोबारा राजभवन के गांधी सभागार का चयन करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गत वर्ष श्री सिन्हा ने इसी स्थान पर सम्राट विक्रमाादित्य की स्मृति में डाक टिकट जारी किया था। राज्यपाल ने यह भी बताया कि सन् 2000 में उनके प्रयास से डाक विभाग द्वारा ईसा मसीह के 2000वें जन्मदिवस पर डाक टिकट जारी हुआ था, जिसको दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ने जारी किया था और वसई मुंबई में उनके द्वारा लोकार्पण हुआ था।
केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री मनोज सिन्हा ने कहा कि साहित्य लोक संस्कृति का वाहक है। अनेक ऐसे साहित्यकार है जिन्होंने अपना प्रभाव छोड़ा है उनमें पं. श्रीलाल शुक्ल अग्रणी हैं। रामचरितमानस और रागदरबारी के बारे में लोग कहते हैं कि कितना भी इनको पढ़िए फिर भी बहुत कुछ पढ़ने को शेष रह जाता है। ऐसी कृतियों को बार-बार पढ़ने की जिज्ञासा होती है। पं. श्रीलाल शुक्ल पर डाक टिकट जारी करना विभाग के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने श्री शुक्ल की रचनाधर्मिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यपाल की साहित्यक रूचि को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया।
कार्यक्रम में चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री वाईवी राय ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा इफ्को के प्रबन्ध निदेशक श्री यूएस अवस्थी ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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