नई दिल्ली, 04 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों के महागठबंधन को राष्ट्रीय हित से नहीं बल्कि खुद के अस्तित्व को बचाने और सत्ता हथियाने का प्रयास करार देते हुए कहा है कि इसमें शामिल हर नेता प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देख रहा है। श्री मोदी ने स्वराज्य पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में महागठबंधन को प्रधानमंत्री की कुर्सी हथियाने के आलावा हर दल का नेता प्रधानमंत्री बनना चाहता है लेकिन गठबंधन का दूसरा सहयोगी उसे पीछे धकेल कर खुद दौड़ना चाहता है।
राहुल गांधी और ममता बनर्जी खुद प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार है: मोदी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के लिए तैयार नहीं हो सुश्री ममता बनर्जी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं लेकिन इसमें दलों को दिक्कत है समाजवादी पार्टी मानती है कि उनका नेता प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा योग्य है। महागठबंधन में जनता की खुशहाली पर किसी का ध्यान नहीं है सबका जोर सत्ता हथियाने पर है।
उन्होंने कहा कि जहां तक 1977 और 1989 में महागठबंधन बनने की बात है तब स्थितियां अलग थी वर्ष तक 1977 का महागठबंधन आपातकाल के कारण खतरे में पड़े लोकतंत्र को बचाने के लिए था, जबकि 1989 का महागठबंधन देश को जोड़ने वाले घोटाले के कारण हुआ था। उन्होंने कहा कि इस बार महागठबंधन के एजेंडे में नहीं बल्कि खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए और मोदी को हटाना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास उनको हटाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।







