चिंताजनक: रीसाइकिल प्लास्टिक के खिलौने, बीपीए भ्रूण के विकास को कर सकता है बाधित
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025: टॉक्सिक्स लिंक की ताजा रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रीसाइकिल प्लास्टिक से बने नामी ब्रांडों के खिलौने बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। बाजार में उपलब्ध दस खिलौनों की जांच में दो खिलौनों में खतरनाक रसायन एससीसीपी (शॉर्ट चेन क्लोरीनेटेड पैराफिन) और बीपीए (बिस्फेनॉल ए) पाए गए। ये रसायन हार्मोनल और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बीपीए भ्रूण के विकास को बाधित कर सकता है और बच्चों के चयापचय, प्रजनन, तंत्रिका तंत्र व प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस कारण भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने इसे शिशु दूध की बोतलों में प्रतिबंधित किया है। वहीं, एससीसीपी, जिसे 2017 में स्टॉकहोम कन्वेंशन द्वारा वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित किया गया, हार्मोनल प्रणाली को बाधित कर प्रजनन क्षमता में कमी और थायरॉयड विकार जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बच्चों के खिलौनों को मुंह में डालने या लंबे समय तक संपर्क में रहने से इन रसायनों के शरीर में प्रवेश का खतरा बढ़ जाता है। टॉक्सिक्स लिंक ने चेतावनी दी कि रीसाइकिल प्लास्टिक के उपयोग में सख्त सावधानी बरतने की जरूरत है। वर्तमान में बीआईएस के मानकों में इन रसायनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव है, जिसे तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है।
अनब्रांडेड या संदिग्ध रीसाइकल प्लास्टिक उत्पादों से बचें उपभोक्ता
बच्चों को खिलौने खरीदते समय लेबल जरूर देखें और अनब्रांडेड या संदिग्ध रीसाइकल प्लास्टिक उत्पादों से बचें। गंध, रंग और बनावट असामान्य लगे तो उत्पाद का उपयोग न करें। बच्चों की सेहत से जुड़ी किसी भी चीज में ‘सस्ता और टिकाऊ’ नहीं, बल्कि ‘सुरक्षित और विश्वसनीय’ को प्राथमिकता दें।







