कक्षा 1 से 8 तक के दर्जनों गरीब छात्र/छात्राओं को रू. 1 हजार की दी गयी आर्थिक सहायता व कापी, पेन्सिल, कलर बाक्स जमैट्री बाक्स सौंपकर बढ़ाया छात्र/छात्राओं का हौसला
संघर्ष समिति ने बाबा साहब व मान्यवर कांशीराम साहब के बताये हुए रास्ते पर चलकर शिक्षा पूरी करने का भी विद्यार्थियों को दिलाया संकल्प
लखनऊ, 21 मार्च, 2021: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के तत्वाधान में आज शहीदों की ऐतिहासिक धरती काकोरी रविदास मन्दिर लखनऊ के प्रांगण में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए सभी को मास्क वितरित कर दोपहर 2 बजे गरीब दलित व पिछड़े वर्ग के दर्जनों बच्चों को ‘‘मान्यवर कांशीराम निर्धन विद्यार्थी आर्थिक सहायता योजना‘‘ के तहत कक्षा 1 से 8 तक के 16 बच्चों को रू0 1 हजार की आर्थिक सहायता सहित कापी पेन्सिल कलर बाक्स, जमैट्री बाक्स व स्नैक्स उपलब्ध कराया। आरक्षण समर्थक ऐसे सभी विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष आर्थिक मदद तब तक देंगे जब तक वह पढ़ लिखकर अपने पैरों पर न खड़े हो जायें। उनकी जरुरत के अनुसार सहायता की धनराशि को बढ़ाया भी जायेगा। इस अवसर पर गरीब बच्चों के अभिभावकों को भी गमछा भेंटकर किया सम्मानित और कहा आप बच्चों की पढ़ाई रखे जारी आरक्षण समर्थक आपके साथ हैं।

गौरतलब है कि मान्यवर कांशीराम साहब की जयन्ती की पूर्व संध्या पर प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिकों ने यह ऐलान किया था कि विगत वर्षों में सरकार द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की जो छात्रवृत्ति योजना बन्द कर दी गयी है, उससे गरीब छात्र हतोत्साहित हैं। उनका उत्साह बना रहे, उसके मद्देनजर आरक्षण समर्थक कार्मिक ‘‘पे बैक टू सोसाइटी के तहत‘‘ अपनी सैलरी से आर्थिक सहायता करेंगे। जिसका नाम ‘‘मान्यवर कांशीराम निर्धन विद्यार्थी आर्थिक सहायता योजना‘‘ रखा गया था, आज उसकी विधिवत शुरूआत लखनऊ से कर दी गयी, जो धीरे धीरे पूरे प्रदेश में दलित व पिछड़े वर्ग के गरीब विद्यार्थियों को सहायता देने के रूप में चालू रहेगी।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने सभी छात्रों को शपथ दिलायी कि वह बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर कांषीराम साहब के बताये हुए रास्ते पर चलकर अपनी शिक्षा को पूरी कर समाज और देष को आगे बढ़ाने में पूरा योगदान देंगे। आज जिन विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी गयी, उसमें प्रमुख रूप से सौम्या, संजू, रोहित, समर, अनमोल, सिद्धार्थ, शगुन, अंषिका, राधा, पलक, रष्मि, मुस्कान, दिव्यांष, विशेष, आदर्श व अनिकेत थे।







