मैं गंगा माँ का बेटा हूँ बहुत लोगों को तारूँगा
मुश्क़िलें चाहे जितनी हों ना टूटूंगा ना हारूँगा,
मैं संगम का निवासी हूँ कई जीवन संवारूँगा।
अधम, पापी प्राणियों को दिखाना राह है मुझको,
मैं गंगा माँ का बेटा हूँ बहुत लोगों को तारूँगा!!
सुंदर सपने खो जाते हैं कभी-कभी वीराने में
हो जाती है भूल कभी इंसानों से अनजाने में,
सुंदर सपने खो जाते हैं कभी – कभी वीराने में।
हल्का दिल का बोझ करो और बढ़ जाओ आगे मित्रो,
वर्ना सारा वक्त गुजर जायेगा यूं पछताने में।
इश्क़ खामोशी है
इश्क़ बेचैन ख़्यालों को हवा देता है,
इश्क़ होता है तो आँखों से दिखा देता है।
इश्क़ आगाज़ है आवाज़ है उस दुनियां की,
जिसका दीदार ही दीवाना बना देता है।
इश्क़ खामोशी है चाहत की तरफदारी है,
लुत्फ़ आता है तो चेहरा ही बता देता है।
इश्क़ महबूब का रूतबा है क़दरदारी है,
स्याह चेहरे को भी ये चाँद बना देता है।
- चन्द्र भूषण तिवारी ‘चन्द्र’







