Father’s Day 21 june: इसके बाल थोड़े और हल्के करो

0
631

बच्चे के बाल कटाने
जब भी जाता हूँ
मिल जाते हैं मेरे पिता
मुझमें ही कहीं खड़े
वही वज़नदार आवाज़
सुनो,
इसके बाल थोड़े और हल्के करो,
मैं जान गया हूँ
पिता नहीं देखना चाहते
कोई भी बोझ बच्चे के सिर पर,
मैं जान गया हूँ
अब कि बच्चे के सिर से
बोझ उतरने और उम्र के
साथ पिता की भारी होती
थोड़ी कांपती सी आवाज़
में कोई संबंध है,
बच्चे के बाल कटाने
मैं जाता तो हूँ
बच्चे के साथ पर
लौटता है पिता के साथ,
– राज कुमार सिंह की वॉल से साभार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here