Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 502 उधड़ी सी किसी फ़िल्म का एक सीन थी बारिश, इस बार मिली मुझसे तो ग़मगीन थी बारिश। कुछ लोगों ने रंग लूट लिए शहर में इस के, जंगल से जो निकली थी वो रंगीन थी बारिश – संजय कुमार