Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 639 कच्चा हूं ईमान का, पक्का बेईमान। जैसा हूं, हूं आपका, हे वोटर श्रीमान॥ हे वोटर श्रीमान, शरण में मुझको लेना, एक बार फिर और, वोट मुझको ही देना, अवगुण करना माफ, न दे देना तुम गच्चा। आदत है क्या करूं, कौल का हूं मैं कच्चा॥ – सी. एम. त्रिपाठी
योगी सरकार ने साक्षरता कर्मियों के बकाया मानदेय भुगतान का रास्ता खोला, 64 जिलों के लिए लगभग ₹397.19 करोड़ आवंटित
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बसपा-भाजपा नेताओं के पार्टी में शामिल होने पर बोले- ‘पूरब और पश्चिम हिल गया है’