राह दिखाता आया सूरज
हमें जगाता आया सूरज
उठो, सँवारो भी अब जीवन
हमें चेताने, आया सूरज
पर्वत जैसी राह कठिन हो
बाधाएँ, कितनी भी जटिल हों
कभी प्रयास विफल ना होते
ये समझाते है आया सूरज
तुम भी तो सूरज बन सकते
तम औरों का भी हर सकते
है ऊर्जा, ऊष्मा तुममें भी
बतलाने आया है सूरज
कर लो अपने दिन सुनहरे
भर लो सभी घाव ,जो गहरे
हो मानव तुम रच लो जीवन
ब्रज,क्षमता तेरी बताता सूरज
- डॉ ब्रजभूषण मिश्र







