नई दिल्ली, 03 अप्रैल। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस बात की काफी संभावना है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं गणित की परीक्षा दोबारा नहीं कराई जाए, हालांकि इस पर अंतिम फैसला सीबीएसई को ही लेना है। ज्ञात हो कि केंद्रीय बोर्ड का दसवीं गणित का पेपर लीक हो गया था।
इस बीच, पेपर लीक मामले में सीबीएसई के परीक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी एस राणा को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले बारहवीं अर्थशास्त्र का पेपर लीक करने के आरोप में दिल्ली से तीन टीचर भी गिरफ्तार किए गए हैं। सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लगातार एनसीआर से लेकर हरियाणा तक छापेमारी की थी और आखिरकार पेपर लीक कांड के तार दिल्ली के बवाना से जुड़े पाए गए थे। इसके सूत्रधार तीन लोग ऋषभ, रोहित और तौकीर हैं। ऋषभ और रोहित बाहरी दिल्ली के मदर खजानी स्कूल में टीचर हैं, जबकि तौकीर एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाता है। यह गिरफ्तारी 12वीं के इकनॉमिक्स के पेपर लीक के मामले में हुई है।
खुलासे के मुताबिक, प्रश्नपत्र की सील 10 बजे खोला जाना था। लेकिन मदर खजानी स्कूल के टीचर ऋषभ और रोहित ने 45 मिनट पहले ही उसे खोल कर उसकी फोटो खींच ली और व्हाट्सएप पर तौकीर को भेज दी। तौकीर ने अर्थशास्त्र के पेपर को अपने छात्रों को मैसेज कर दिया, जिन्हें वह ट्यूशन पढ़ाता था। नियम के मुताबिक क्लास रूम में प्रश्नपत्र छात्रों को 10:15 बजे मिलता है। 11 बजे तक छात्र क्लासरूम में परीक्षा देने के लिए दाखिल हो सकता है। विशेष परिस्थिति में 11.15 तक भी प्रवेश की अनुमित मिल जाती है।
यानी लीक पेपर को हासिल करने वाले छात्रों को करीब दो घंटे का समय मिल गया। आपको बता दें कि बारहवीं का पेपर लीक होने पर दिल्ली में गिरफ्तारी हुई, लेकिन दसवीं के गणित का पेपर लीक करने के आरोप में दिल्ली से अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस मामले में गिरफ्तारी झारखंड के चतरा में हुई है।







