राजा रघुवंशी हत्याकांड में हुए कई खुलासे :
इंदौर/शिलांग: मध्य प्रदेश के इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई हत्या की गुत्थी मेघालय पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी माना गया है, जिसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन सुपारी किलर्स के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस जांच में हुए खुलासों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
हत्या की टाइमलाइन
- 11 मई 2025: राजा रघुवंशी और सोनम की इंदौर में शादी हुई। पुलिस के अनुसार, सोनम ने शादी से पहले ही अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रच ली थी।
- 20 मई 2025: नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग पहुंचा। पुलिस के अनुसार, हनीमून की पूरी योजना सोनम ने बनाई थी, ताकि हत्या को अंजाम दिया जा सके।
- 22 मई 2025: शिलांग के एक होटल की सीसीटीवी फुटेज में राजा और सोनम दिखाई दिए। फुटेज में सोनम को होटल के बाहर मोबाइल पर चैट करते देखा गया, जिसके बारे में पुलिस को शक है कि वह सुपारी किलर्स को लोकेशन शेयर कर रही थी।
- 23 मई 2025: सोनम ने राजा को चेरापूंजी के एक सुनसान इलाके में ले जाया, जहां तीन सुपारी किलर्स—आकाश राजपूत, विशाल चौहान, और आनंद कुर्मी—पहले से मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, आनंद ने राजा पर पहला वार कुल्हाड़ी से किया। इसके बाद अन्य आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या की। सोनम ने स्वयं राजा के शव को खाई में धक्का दिया।
- 2 जून 2025: राजा का शव मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के वीसॉडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हत्या धारदार हथियार से की गई थी। शव की पहचान राजा के हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू से हुई।
- 9 जून 2025: 17 दिन तक फरार रहने के बाद सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे से अपने परिवार को फोन किया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और तीन अन्य आरोपियों-आकाश, विशाल, और आनंद-को भी गिरफ्तार किया।
- 10 जून 2025: मेघालय पुलिस ने सोनम और अन्य आरोपियों को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर शिलांग ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कपड़े और अन्य सबूत बरामद किए।

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
सोनम की साजिश: मेघालय पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। राज कुशवाहा, जो सोनम के पिता की प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता था, उसका सोनम के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था।
शादी के तीसरे दिन शुरू हुई प्लानिंग: सोनम और राज की चैट्स से खुलासा हुआ कि शादी के तीन दिन बाद ही सोनम ने राजा को मारने की बात शुरू कर दी थी। उसने राज से कहा, “वो मेरे करीब आ रहा है, मुझे अच्छा नहीं लग रहा।”
सुपारी किलर्स की भूमिका: राज कुशवाहा ने तीन सुपारी किलर्स—आकाश, विशाल, और आनंद—को हायर किया। हत्या के दौरान राज शिलांग में मौजूद नहीं था, लेकिन वह फोन के जरिए सोनम और किलर्स को निर्देश दे रहा था।
सोनम की चालाकी: पुलिस को शक है कि सोनम ने हत्या को लूट और डकैती का रूप देने की कोशिश की थी। उसका प्लान था कि वह कुछ समय तक विधवा बनकर रहेगी और फिर राज कुशवाहा से शादी कर लेगी।
सबूत और गवाही: पुलिस को एक खून से सनी जैकेट मिली, जो सोनम ने हत्यारे को दी थी। इसके अलावा, एक टूरिस्ट गाइड की गवाही ने भी मामले में नया मोड़ लाया, जिसमें उसने बताया कि राजा और सोनम के साथ तीन अजनबी पुरुष दिखाई दिए थे।
सोनम का दावा: सोनम ने पुलिस को बताया कि उसे अगवा किया गया था और वह खुद पीड़ित है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को झूठा करार दिया, क्योंकि सारे सबूत और गवाह उसके खिलाफ हैं।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
- राजा के परिवार का गुस्सा: राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने सभी दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। परिवार ने इंदौर में बैनर लगाकर सीबीआई जांच की मांग की, जिस पर लिखा था, “मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया है।”
- सोनम के पिता का दावा: सोनम के पिता देवी सिंह ने मेघालय पुलिस पर उनकी बेटी को फंसाने का आरोप लगाया और सीबीआई जांच की मांग की।
- मेघालय पुलिस की सक्रियता: मेघालय के डीजीपी आई नोंगरंग ने बताया कि ‘ऑपरेशन हनीमून’ के तहत इस मामले को सुलझाया गया। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी पुलिस की तारीफ की।
सवाल जो अब भी अनसुलझे हैं?
- सोनम ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, जबकि उसके पास परिवार से मदद मांगने जैसे आसान रास्ते थे?
- क्या हत्या के पीछे कोई और मकसद था, जो अभी सामने नहीं आया?
- राज कुशवाहा के परिवार का दावा है कि वह निर्दोष है। क्या जांच में कोई नया मोड़ आएगा?
- मेघालय पुलिस अब सोनम और अन्य आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। यह हत्याकांड न केवल एक प्रेम कहानी का दुखद अंत है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि रिश्तों में विश्वासघात कितना खतरनाक हो सकता है।







