एकात्मवाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र एवं समाज के प्रति आजीवन समपर्ण रहे-कौशल किशोर

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अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी का आयोजन मलिहाबाद विकास खण्ड में

लखनऊ-13 जुलाई, पं.दीनदयाल उपाध्याय जन्म शती वर्ष के तहत विकास खण्ड मलिहाबाद में आयोजित तीन दिवसीय अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए मा.सांसद मोहनलालगंज श्री कौशल किशोर ने कहा कि  पं. दीनदयाल उपाध्याय पे वंचित गरीब, निर्धन व्यक्तियों को आशावादी बनाने व उनको आगे बढाने का काम किया है पं. दीनदयाल उपाध्याय का सपना गरीब के चेहरे पर मुस्कान आये तभी समाज व देश का विकास सम्भव है।      मा.सांसद ने कहा कि  प्रदेश और केन्द्र सरकार की जो भी कल्याणकारी, लाभपरक योजनायें वंचित गरीब, पिछडे, किसान को लाभान्वित करने के लिए है जिसका जन-जन में प्रचार कर गरीबों को लाभान्वित कर उनका सामाजिक आर्थिक शैक्षिणिक उत्थान में आगे आये। उन्होने कहा कि सरकार की जो भी योजनाए बनती है वह सभी के लिए होती है परन्तु गरीब वंचित महिलाओं, किसानों वर फोकस अधिक होता है। सरकार द्वारा विभिन्न फसलों का मूल्य बढाकर किसानों को लाभ दिया जा रहा है ताकि किसान की आय दो गुनी हो जाये।

अन्त्योदय मेला/ प्रदर्शनी में  अधिकारियों द्वारा किसानों को उन्नतशील खाद, बीजो की जानकारी के अलावा मिट्टी की जांच भी निःशुल्क करायी जाने, किसान मिट्टी में पोषक तत्वों के कमी को जाने और उसी के अनुरूप खाद डालें और अपनी कृषि आय को बढायें, मत्स्य पालन, पशु पालन आदि का विकास कैसे हो की जानकारी दी गयी। वन, मत्स्य, शिक्षा, समाज कल्याण, उद्यान, पंचायत, कृषि विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगायी गयी। इसके अतिरिक्त सूचना विभाग द्वारा  एकात्म मानववाद तथा पं0 दीन दयाल उपाध्याय का जीवन परिचय से सम्बन्धित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसे काफी संख्या ने देखा और सराहना की। सूचना विभ्ज्ञाग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर  लाभार्थीपरक योजनाओं के लाभार्थियों को  प्रधानमंत्री आवास योजन के 25 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पू0मा0विद्याालय अमानीगंज, पूमावि मिर्जागंज पू मावि मलिहाबाद के लगभग 100 स्कूली बच्चें को ड्रेसें, तथा एनआरएलएम समूहों को चेंको का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त स्वतः रोजगार श्री सतीश मिश्र, उपजिलाधिकारी मलिहाबाद सूर्यकान्त त्रिपाठी, खण्ड विकास अधिकारी मलिहाबाद सुश्री नेहा सिंह, समाज कल्याण अधिकारी श्री केएसमिश्र, सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी ग्राम प्रधान जनप्रतिनिधि, विद्यालयों के छात्र/छात्राएं आदि उपस्थित थे।

फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन हेतु मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन

लखनऊ-13 जुलाई 2017,  मण्डलायुक्त श्री अनिल गर्ग ने बताया कि  शासन के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों के उन्नयन एवं सत्त विकास हेतु फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्यवन हेतु  मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डल स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होने बताया कि मण्डलीय समिति  जिला स्तरीय समिति द्वारा चिन्हित अनई किसानों की सूची पर प्रत्यावेदन दिये जाने पर निर्णय लेगी, योजना के प्राविधानों एवं शासनादेश की व्यवस्था के अनुसार जिला स्तरीय समिति द्वारा सन्दर्भित प्रकरणों पर निर्णय लेगी। मण्डल में योजना के कार्यन्वयन एवं निष्पादन का पर्यवेक्षण करना तथा नीतिगंत मामलों को राज्य स्तर पर सशक्त समिति (एम्पावर्ड कमेटी) को सम्प्रेषित करेगी।      उन्होने बताया कि समिति में मण्डलायुक्त अध्यक्ष, संयुक्त विकास आयुक्त सचिव, संयुक्त कृषि निदेशक सह-सचिव, मण्डल के जिलाधिकारी, मण्डल के मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निबन्धक/ आयुक्त सहकारी समितियाॅं, उप गन्ना आयुक्त, उप निदेशक सूचना, उप निदेशक अर्थ एवं सांख्यिकी तथा मण्डल के जिलो में कार्यरत बैंको के नियंत्रक (क्षेत्रीय/जोनल प्रबन्धक) समिति के सदस्य होंगे।

जनपद के आकस्मिक रूप से रिक्त क्षेत्र पंचायत के प्रमुख का उप निर्वाचन -2017 हेतु संशोधित समय सारिणी निर्धारित- जिलाधिकारी

लखनऊ-13 जुलाई 2017,  जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानीय) श्री कौशल राज शर्मा ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार  जनपद के आकस्मिक रूप से रिक्त क्षेेत्र पंचायत के प्रमुख का उप निर्वाचन-2017 हेतु संशोधित समय सारिणी निर्धारित कर दी गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि भारत के राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति के निर्वाचन होने तथा विधान  मण्डल का बजट सत्र होने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूर्व अधिसूचना को संशोधित करते हुए संशोधित समय सारिणी घोषित की है। नामांकन 14 जुलाई 2017 के स्थान पर 11 अगस्त 2017 पूर्वान्ह 11-00 बजे से अपराहन 3-00 बजे तक, नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई 2017 के स्थान पर 11 अगस्त 2017 अपराहन3.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक, उम्मीदवारी वापस लेने का कार्य 15 जुलाई 2017के स्थान पर 12 अगस्त 2017 को पूर्वाहन 11.00 बजे से अपराहन 3.00 बजे तक, मतदान 16 जुलाई 2017 के स्थान पर 13 अगस्त 2017, पूर्वाहन 11.00 बजे से अपराहन 3.00 बजे तक तथा मतगणना 16 जुलाई 2017के स्थान पर 13 अगस्त 2017 को ही अपराहन 3.00 बजे से कार्य समाप्ति तक की जायेगी। उन्होने बताया कि  नामांकन से मतदान तक की प्रक्र्रिया सम्बन्धित क्षेत्र पंचायत मुख्यालय पर सम्पन्न होगी। उक्त निर्वाचन के मध्य पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश दिवसों में भी सम्बन्धित कार्यालय खुले रहेंगे और निर्धारित समय सारिणी के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
 

 

जिला सूचना कार्यालय लखनऊशैक्षिक संस्थाओं में रैगिंग रोकने हेतु निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें-जिलाधिकारी         लखनऊ-13 जुलाई 2017,      जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा ने  बताया विगत वर्ष कालेजों में रैगिंग की रोकथाम हेतु 26 बिन्दुओ पर कार्यवाही किये जाने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी किये गये थें, रैगिंग जैसे आपत्तिजनक प्रकरणों की प्रभावी रोकथाम हेतु जिला स्तरीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर टीम का गठन किया गया है। उन्होने कहा कि  रैगिंग को किसी भी छात्र को (नवीन प्रविष्टि या अन्यथा) लक्षित करके रंग, प्रजाति, धर्म, जाति, जातिमूल, लिंग (उभय लैगिंक सहित) लैगिंक, प्रवृत्ति बाह्य स्वरूप, राष्ट्रीयता, क्षेत्रीयमूल, भाषा, वैशिष्ट्य, जन्म, निवास, स्थान या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर शारीरिक अथवा मानसिक प्रताड़ना (दंबगई एवं बहिष्करण) का कृत्य की श्रेणी में रखा गया है।      जिलाधिकारी ने रैगिंग जैसे आपत्तिजनक प्रकरणों की प्रभावी रोकथाम हेतु दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये है। उन्होने कहा कि सत्र के प्रारम्भ से ही रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगे होने की सूचना संस्थान में जगह जगह पर प्रचारित एवं प्रसारित की जाए तथा रैगिंग में लिप्त पाये जाने पर कठोर दण्ड की व्यवस्था को बैनर- होर्डिग्स के माध्यम से संस्थानमें प्रदर्शित किया जाये। प्रत्येक छात्र एवं उसके अभिभावक से प्रवेश के समय शपथ पत्र लिया जाए कि यदि वे संस्थान में रैगिंग मे पकडे गये तो संस्थान से निष्कासित कर दिया जायेगा एवं इसकी जिम्म्ेदारी स्वयं छात्रों की होगी। उन्होने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में सत्र के प्रारम्भिक कम से कम दो माह रैगिंग विरोधी दस्ते अनिवार्य रूप से बनाये जाएं। इन दस्तो द्वारा प्रतिदिन दिन रात में छात्रावासों तथा परिसर में एकान्त स्थलों पर एवं ऐसे स्थानों पर जहां रैगिंग की सम्भावना हो, का निरीक्षण किया जायें।    जिलाधिकारी ने कहा कि संस्था द्वारा निर्धारित कोड से भिन्न यदि छात्र समूह द्वारा कोई अनौपचारिक कोड विशेषकर प्रथम वर्ष के छात्रों हेतु बनाए जाने की बात प्रकाश में आती है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाते समय प्रथम वर्ष के छात्रों की विशेष सुरक्षा का ध्यान रखा जाये। सभी संस्थानों में जहाॅ पर प्रथम वर्ष के छात्र रहते हैं, वहाॅ पर यह सुनिश्चित करें कि जो भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किये गये हैं, वे रात्रि में छात्रावासों के चारों ओर गश्त लगायें। उनको पूरी तरह से हिदायत दी जाए। प्रत्येक सत्र के प्रारम्भ में नये छात्रों को स्थान के बारे में अधिकाधिक जानकारी प्रदान कर दी जाए, जिससे कि सीनियर छात्रों द्वारा नये छात्रों की कम जानकारी का अनुचित लाभ न उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि नवीन छात्रों के लिए छात्रावास परिसर, वरिष्ठ छात्रों के छात्रावास परिसर से दूर ही रखा जाए एवं दोनेां छात्रावासों के बीच पर्याप्त ऊॅचाई की बाउण्ड्रीवाॅल का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। यदि छात्रावास समुचित संख्या में उपलब्ध नहीं है, तो नये छात्रों को ही परिसर छात्रावास में रखने की व्यवस्था की जाए। वरिष्ठ छात्र बाहर रह सकते हैं। कई बार देखा गया है कि वरिष्ठ छात्र बाहरी तत्वों अथवा कालेज के छात्रावास में अनाधिकृत रूप से निवास कर रहे पूर्व छात्रों अथवा अन्य संस्थानों के छात्रों के संरक्षण में रैगिंग जैसी गंभीर गतिविधियों में लिप्त होते हैं। अतः संस्था के प्राचार्य/वार्डेन का यह उत्तरदायित्व होगा कि किसी भी दशा में शिक्षण संस्थानों के छात्रावासों में वर्तमान में उसी संस्थान में शिक्षारत छात्रों के अतिरिक्त अन्य किसी भी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबन्धित किया जाए। वरिष्ठ छात्रों को रैगिंग रोकने हेतु सम्मिलित किया जाये। प्रत्येक शिक्षण संस्था में अध्यापक, संरक्षक/अभिभावक  की समुचित संख्या पर सहायता समूह (एडवाइजरी ग्रुप) बनाये जाए। शिकायत हेतु पत्र-पेटिका रखी जायें। छात्रावास के प्रवेश के समय छात्रों के माता-पिता एवं स्थानीय अभिभावक के बारे में विस्तृत विवरण अवश्य प्राप्त किया जाये। छात्रावासों में समस्त छात्रों विशेषकर प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए छात्रावासों में आने वाले आगन्तुकों के लिए एक निश्चित

 

अवधि निर्धारित की जाए तथा छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को भी उक्त निर्धारित रात्रिकालीन समय के उपरान्त प्रातःकाल तक बिना किसी अनुमति के बाहर न जाने दिया जाए।        जिलाधिकारी ने कहा कि सत्र के प्रारम्भ में कम से कम दो-तीन माह तक 09.00 बजे के बाद किसी प्रथम वर्ष के छात्र के साथ किसी भी वरिष्ठ छात्र का सम्पर्क प्रतिबन्धित कर दिया जाए। छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षिका/अधीक्षक छात्रों की उपस्थित पंजिका बनायें तथा रात्रि में अनिवार्य रूप से विशेषकर प्रथम वर्ष के छात्रों की उपस्थिति/गणना की जाये। छात्रों की अनाधिकृत अनुपस्थिति के बारे में अभिभावकों को उनके दूरभाष/मोबाइल पर तत्काल सूचित किया जाये। संस्थान में नशीले पदार्थ पर रोक लगायी जाये। अग्नेशास्त्र रखा जाना पूर्णतया वर्जित है। छात्रवास में रैगिंग पाया जाता है तो छात्रावास के संरक्षक(वार्डेन) की गुणदोष के आधार पर जवाबदेही निर्धारित की जाए। संस्थान के प्रचार्य/निदेशक का उत्तरदायित्व होगा कि संस्थान में सत्र के प्रारम्भ से पूर्व ही अनिवार्य रूप से प्राक्टोरेल बोर्ड का गठन किया जाए। जिसकी जानकारी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दी जाये।  उन्होंने बताया कि प्राक्टर द्वारा प्रशासन/जिला प्रशासन के सहयोग से पुरूष/महिला को वर्दी अथवा आवश्यकतानुसार सादे वेष में भी संस्थान एवं छात्रावास परिसर के मुख्य द्वारा आदि में भ्रमण करना सुनिश्चित करेंगे। इंजीनियरिंग कालेजों में प्रशासन द्वारा रैगिंग की स्थिति की जानकारी की सूचना विभागों के सचिवों को भेजी जाये। रैगिंग रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाये। दोषी पाये जाने वाले छात्रों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। रैगिंग से संबंधित सहयोगात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही का विवरण अन्य छात्रों के संज्ञानार्थ संस्थान में जगह-जगह जहाॅ से छात्र गुजरते हों, वहाॅ पर चस्पा कर दिया जाए। रैगिंग की कोई घटना प्रकाश में आती है, तो उसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित संस्थान के निदेशक/प्राचार्य की होगी।