अंधविश्वास की भयानक पराकाष्ठा: कानपुर के रसूखदार सर्राफा परिवार में नवविवाहिता के साथ तंत्र-मंत्र के नाम पर अमानवीय कृत्य
कानपुर : आधुनिक युग में भी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की अंधी आस्था कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका चौंकाने वाला उदाहरण कानपुर से सामने आया है। एक रसूखदार ज्वेलरी कारोबारी परिवार में शादी के महज दो दिन बाद नवविवाहिता को रात के 12 बजे तांत्रिक पूजा में निर्वस्त्र बैठने को मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़े गए, पूरे शरीर पर राख पोती गई और पूजा कराई गई।
लड़की का आरोप है कि उसकी सास को लगता था कि उनके परिवार की करोड़ों की दौलत तंत्र-मंत्र और ऐसी ही पूजाओं की वजह से है। इसलिए हर महीने यह रस्म दोहराई जाती थी। पूरे परिवार के सामने यह शर्मनाक कृत्य होता था। पीड़िता ने 3-4 महीने तक यह मानसिक और शारीरिक यातना झेली, लेकिन आखिरकार वह टूट गई और अपने मायके चली गई।
सुलह की कोशिशें नाकाम, अब पुलिस में केस
परिवार वालों और प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप से कई बार सुलह-समझौते की कोशिश की गई, लेकिन पीड़िता नहीं मानी। आखिरकार उसने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पति कौतुक मिश्रा, ससुर विनीत मिश्रा, सास और अन्य परिवारजनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। मामले में दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और मानसिक क्रूरता के आरोप भी शामिल हैं।
पीड़िता ने बताया कि सास अक्सर कोलकाता जाकर तांत्रिकों से मिलती थी और पूजा के नाम पर पूरे परिवार को निर्वस्त्र रहने को मजबूर करती थी। जब बहू ने मना किया तो ससुर ने खुद उसके शरीर पर राख लगाई और धमकी दी कि तंत्र-मंत्र से उसे पागल कर दिया जाएगा।
समाज के लिए सवाल
यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि अंधविश्वास, महिला असुरक्षा और सत्ता-धन के दुरुपयोग का बड़ा आईना है। कानपुर पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
बता दें कि ऐसे काले अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने की जरूरत है, वरना शादी के नाम पर महिलाओं का शोषण जारी रहेगा। क्या कानपुर का यह हादसा समाज को जागृत कर पाएगा?






