भक्तों की लंबी कतारें माता के दर्शन के लिए उमड़ी
लखनऊ। नवरात्रि के पांचवें दिन पंचम स्कन्द माता देवी दुर्गा के स्वरूप की पूजा- अर्चना की जाती है। राजधानी में सभी मंदिर श्रद्धालुओं से भरे रहे। भोर में मंगला आरती के बाद से भक्तगण दर्शन और पूजन में लीन रहे। मंदिर में मां का विशेष श्रृंगार गुड़हल और बेला के फूलों से किया गया। इससे देवी का रूप अत्यंत मनोहर दिखाई दिया। भोर में तीन बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें माता के दर्शन के लिए उमड़ पड़ीं। जैसे ही सुबह की आरती और श्रृंगार के बाद मंदिर के पट खुले, पूरा क्षेत्र माता के जयकारों और हर- हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।
भक्तों ने स्कन्द माता के समक्ष श्रद्धा से शीश नवाया और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने की कामना की। स्कन्द माता निसंतान दम्पत्तियों को संतान प्राप्त होने का आशीर्वाद प्रदान करती हैं और देवी घंटे की ध्वनि से असुरों का संहार करती हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा से भक्त को सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है और मृत्यु के पश्चात मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
देवी की कृपा से शत्रुओं का नाश होता है और भक्त आध्यात्मिक तथा आत्मिक शक्ति प्राप्त करता है। स्कन्द माता की विशेषता यह है कि उनकी दस भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में उनके दर्शन और पूजन मात्र से भय, बाधा और संकटों से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से देवी की आराधना की और मंदिर परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। माता की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तजनों ने पूजा- अर्चना कर आशीर्वाद मांगा।






