सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का लिया संकल्प
तेहरान: दक्षिण-पूर्वी ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी जाहेदान में एक सनसनीखेज आतंकी हमले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। हथियारबंद आतंकवादियों ने न्यायिक भवन पर धावा बोलकर गोलीबारी और विस्फोट किए, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच नागरिक और तीन हमलावर शामिल हैं। हमले में 13 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जैश अल-अदल ने ली जिम्मेदारी: सुन्नी आतंकी संगठन जैश अल-अदल, जो इस अशांत क्षेत्र में सक्रिय है, ने हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरानी अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, संगठन ने इसे सुनियोजित हमला बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले में आत्मघाती हमलावर की भी संलिप्तता थी, जिसने मध्य जाहेदान में न्यायपालिका परिसर को निशाना बनाया।
समाचार पोर्टल मिज़ान ऑनलाइन के अनुसार, आतंकवादियों ने न्यायाधीशों के कक्षों को निशाना बनाते हुए परिसर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की। गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजों से आसपास का इलाका दहशत में डूब गया। मेहर समाचार एजेंसी और इरना ने बताया कि हमले में कई न्यायिक अधिकारी और सुरक्षाकर्मी हताहत हुए। मानवाधिकार संगठन हाल्व्श ने पुष्टि की कि हमले में कई सुरक्षाकर्मी शहीद हुए या घायल हुए।
सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई: ईरानी सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। अधिकारियों ने क्षेत्र को सील कर जांच शुरू कर दी है।सिस्तान-बलूचिस्तान की स्थिति: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अशांति का केंद्र रहा है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से सुन्नी बलूच अल्पसंख्यकों का गढ़ है, जो आर्थिक उपेक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी की शिकायत करते रहे हैं। जैश अल-अदल जैसे संगठन क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए समय-समय पर हमले करते रहते हैं।
क्या था विवाद : हमले के बाद ईरानी अधिकारियों ने कड़े सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। स्थानीय नेताओं ने इसे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के खिलाफ साजिश करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की निंदा की है, और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह हमला सिस्तान-बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति और आतंकी गतिविधियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक सुधारों और समावेशी नीतियों की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जाहेदान में हुआ यह आतंकी हमला न केवल ईरान की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता पर भी सवाल उठाता है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया है, लेकिन क्षेत्र में शांति बहाली के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत है।







