सीएम योगी ने कहा- अब निष्पक्ष भर्ती, भ्रष्टाचार का अंत; यूपी बना विकास का ग्रोथ इंजन, उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन की प्रक्रिया आज ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई तस्वीर है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएम ने 11 अनुदेशकों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए चयनित अनुदेशकों और उनके अभिभावकों को बधाई दी।
पिछली सरकारों पर निशाना, भ्रष्टाचार का जिक्र
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि 8 वर्ष पहले भर्ती प्रक्रियाएँ अक्सर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण रुक जाती थीं। “पहले इतना पैसा लिया जाता था कि अधिकारी अभ्यर्थियों से आँख नहीं मिला पाते थे। भ्रष्टाचार नैतिक पतन का कारण बनता था, जिससे नौजवान हताश और निराश थे। लेकिन पिछले साढ़े 8 वर्षों में हमने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप यूपी में अब नौकरियों की बौछार हो रही है,” उन्होंने कहा।
8 साल में 8.5 लाख सरकारी नौकरियाँ
सीएम ने बताया कि पिछले 8 वर्षों में 8.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ और 60 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। उन्होंने कहा, “यूपी ने बीमारू राज्य का लेबल हटाकर भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बनने में सफलता हासिल की है। आज यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अधिकांश योजनाओं में शीर्ष तीन में शामिल है।”
नौकरियों के साथ सुरक्षा और निवेश का माहौल
सीएम ने कहा कि दंगामुक्त और माफिया-मुक्त यूपी ने बड़े निवेश को आकर्षित किया है। 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरे, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। उन्होंने नवनियुक्त अनुदेशकों से अपील की कि वे आईटीआई में छात्रों को ईमानदारी से प्रशिक्षित करें ताकि ग्लोबल मार्केट में उनकी स्किल्स की माँग बनी रहे।
हर महीने भर्ती, हर क्षेत्र में प्रगति
सीएम ने बताया कि हर महीने विभिन्न आयोगों और बोर्डों के माध्यम से भर्ती प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। हाल ही में मई से सितंबर 2025 तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जिसमें 60,244 पुलिसकर्मी, 2,425 मुख्य सेविकाएँ, 494 सहायक अध्यापक और 20,997 युवाओं को जॉब ऑफर लेटर शामिल हैं।
आत्मनिर्भर यूपी की ओर कदम
सीएम ने पीएम मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को दोहराते हुए कहा कि यूपी के हस्तशिल्पी और कारीगर अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, “स्केल को स्किल से जोड़ने से हर हाथ को काम मिलेगा।” इसके लिए व्यावसायिक शिक्षा विभाग को हर आईटीआई में करियर काउंसलिंग सेल खोलने और ग्लोबल मार्केट की माँग के अनुसार ट्रेड विकसित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 11 अनुदेशकों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी के हाथों 11 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र मिला। मुख्यमंत्री योगी के हाथों रायबरेली की पल्लवी, उन्नाव की स्मृति दुबे, मीरजापुर की ममता वर्मा, मुजफ्फरनगर के संदीप, अयोध्या के सौरभ यादव, बस्ती की प्रियंका सिंह, देवरिया के अभिलाष सिंह, देवरिया के सुशील कुमार, जालौन के विवेक मिश्र, कानपुर नगर की पिंकी कुमारी, कन्नौज की ममता यादव को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। लोकभवन में हुए मुख्य कार्यक्रम में 460 नवनियुक्ति अनुदेशक शामिल हुए। शेष अनुदेशकों को स्थानीय स्तर पर नियुक्ति पत्र वितरित किया गया।
मई से सितंबर के बीच हज़ारों युवा -युवतियों को मिले जॉइनिंग लेटर
मई से सितंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में विभिन्न भर्ती कार्यक्रमों में 1510 अनुदेशक, 2425 मुख्य सेविकाएँ, 60,244 पुलिसकर्मी, 20,997 युवा, 494 सहायक अध्यापक, 49 प्रवक्ता सहित हजारों को मिले नियुक्ति पत्र।






