मेरा असली बल मेरा आत्मविश्वास है : पंखुड़ी
लखनऊ, 30 अक्टूबर 2025: यूनिसेफ इंडिया और डव ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के टिकरिया कंपोजिट स्कूल का दौरा कर किशोरों के लिए चलाए जा रहे जीवन कौशल कार्यक्रम की प्रगति का जायजा लिया। यह स्कूल, जहां बालवाटिका से कक्षा 8 तक की पढ़ाई होती है, डव और यूनिसेफ की साझेदारी का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ना और जीवन कौशल विकसित करना है।
दौरे के दौरान, डव के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों और छात्रों से मुलाकात की। शिक्षकों ने बताया कि इस कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और सहभागिता में सकारात्मक बदलाव लाया है। आत्म-सम्मान पर आधारित कॉमिक पुस्तकों ने किशोरों के आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक छात्रा, पंखुड़ी, ने अपनी कहानी साझा की। पहले उसे अपने रूप-रंग को लेकर उपहास का सामना करना पड़ता था, जिससे वह आत्म-संदेह से जूझती थी। लेकिन इस कार्यक्रम ने उसे अपने वास्तविक मूल्य को समझने और अवास्तविक सौंदर्य मानकों से ऊपर उठने में मदद की। पंखुड़ी ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मेरा असली बल मेरा आत्मविश्वास है। मुझे अब खुद पर गर्व है।”

अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की, क्योंकि इसने घरों और समुदायों में आत्मविश्वास और किशोरावस्था से जुड़े मुद्दों पर खुली चर्चा को प्रोत्साहित किया है। यह कार्यक्रम 2019 से आठ राज्यों में चल रहा है और अब तक 1.8 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। विशेष रूप से लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण और ‘पासपोर्ट टू अर्निंग’ जैसे डिजिटल मंचों पर सामग्री उपलब्ध कराई गई है। यह मंच 11 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए तैयार किया गया है, जो आत्म-सम्मान और शारीरिक आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा संचालित किशोर मंचों के माध्यम से समुदाय स्तर पर भी भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। अभिभावकों के लिए शरीर की छवि और आत्मविश्वास पर विशेष सामग्री भी तैयार की गई है।
डव की वैश्विक ब्रांड निदेशक त्रिपर्णा चक्रवर्ती ने कहा, “पंखुड़ी जैसी छात्राओं की दृढ़ता हमारे कार्य के प्रभाव को दर्शाती है। यह साझेदारी किशोरों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” यूनिसेफ इंडिया की शिक्षा प्रमुख साधना पांडे ने जोड़ा, “आत्म-सम्मान का निर्माण किशोरों को स्कूल में टिके रहने, स्वस्थ संबंध बनाने और भविष्य के लिए सही निर्णय लेने की शक्ति देता है। यह पहल विशेष रूप से लड़कियों को अपनी आवाज बुलंद करने का आत्मविश्वास दे रही है।”
यह साझेदारी न केवल स्कूलों में सकारात्मक बदलाव ला रही है, बल्कि समुदायों में भी जागरूकता फैला रही है। यह प्रयास किशोरों को सामाजिक बाधाओं से मुक्त कर उनके सपनों को उड़ान देने का अवसर दे रहा है।






