- आरक्षण समर्थक ने कहा पदोन्नति बिल पास से नीचे नहीं चलेगी कोई बात
- बिहार, उत्तराखण्ड, हरियाणा, राजस्थान, झारखण्ड, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के आरक्षण समर्थक कार्मिक नेता जल्द ही आयेगें एक मंच पर और दिल्ली सहित सभी राज्यों में पदोन्नति बिल पास कराने के लिये करेगें बड़ा आन्दोलन
लखनऊ, 20 अप्रैल। पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल लोकसभा से पास कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र की प्रान्तीय कार्य समिति की आज एक आवश्यक बैठक हुई जिसमें आरक्षण समर्थक कार्मिकों ने केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुये कहा कि पिछले 4 साल से लम्बित पदोन्नति बिल पर जिस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार राजनीति कर रही है उससे आने वाले समय में देश के लाखों दलित कार्मिक हासिये पर चले जायेगें। आज प्रदेश के ज्यादातर विभागों में उच्च पद पर दलित कार्मिकों की स्थिति नगण्य सी हो गयी है। अध्यादेश लाने के नाम पर राजनीति हो रही है, प्रदेश का आरक्षण समर्थक कार्मिक यह जानता है कि चुनाव के समीप अध्यादेश लाकर आचार संहिता का हवाला देकर 6 माह व्यतीत किया जायेगा और प्रचारित किया जायेगा कि जब 2019 के बाद भाजपा पुनः सत्ता में आयेगी फिर बिल पर विचार करेगी, यह षडयंत्र अब कामयाब होने वाला नहीं है।
आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, आरपी केन, अनिल कुमार, एसपी सिंह, अजय कुमार, महेन्द्र सिंह, बीके आर्या, सीबी सिंह, रामशब्द, प्रेम चन्द्र, बनी सिंह, राधेश्याम, जितेन्द्र सिंह, अजय कुमार कनौजिया, आनन्द कनौजिया, राजेश पासवान ने कहा कि बहुत जल्द ही देश के सभी राज्यों के दलित कार्मिकों के संगठनों को एक मंच पर लाकर एक बड़ा साझा आन्दोलन शुरू किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तराखण्ड, हरियाणा, राजस्थान, झारखण्ड, मध्य प्रदेश के दलित संगठनों के आरक्षण समर्थक नेताओं से वार्ता हुई है बहुत जल्द ही एक कार्यक्रम बनाकर प्रत्येक प्रदेश और दिल्ली में पदोन्नति बिल पास कराने को लेकर बिगुल फॅूका जायेगा।
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि पिछड़े वर्गो के लिये पदोन्नतियों में आरक्षण की माॅग संघर्ष समिति करती रही है और पुनः करती है। अब दलित व पिछड़े कार्मिक अपने अधिकार को लेगें। अब फूट डालो राज करो का षडयंत्र नहीं चलने वाला।







