विद्यार्थियों से गुलजार हुआ एम्स, मुख्यमंत्री से छात्रों ने किये सवाल

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रहे है। उनके प्रयासों का परिणाम है कि पूर्वांचल में जापानी बुखार में बड़ी हद तक नियंत्रण स्थापित हुआ है। जबकि यह समस्या चालीस वर्षों से चली आ रही थी। इस क्रम में योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एम्स का निरीक्षण किया। वहां पर उन्होंने ओपीडी लैब आदि को देखा तथा एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिए छात्र छात्राओं से वार्ता की और उनके प्रति अपनी शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि पूर्वान्चल के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान करने हेतु एम्स की नितान्त आवश्यकता थी। इसके दृष्टिगत एम्स का निर्माण कराया जा रहा है। बेहतर चिकित्सा सेवा में एम्स महत्वपूर्ण है। यह एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जिसका उद्देश्य आम आदमी को सहज, सुलभ, सस्ती एवं बेहतर चिकित्सकीय सेवा प्रदान करना है। एम्स चिकित्सा सेवा के उच्चतम मानक को प्राप्त करे तथा इस क्षेत्र में अग्रणी स्थान बनाये।
पूर्वान्चल की आवश्यकता हो देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाइस जुलाई दो हजार सोलह को इसका शिलान्यास था। चौबीस फरवरी दो हजार उन्नीस को प्रधानमंत्री ने ओपीडीका उद्घाटन किया था। गोरखपुर एम्स का निर्माण कार्य की प्रगति तीव्र है। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि मानव मात्र के कल्याण के लिए समर्पण भाव से कार्य करना सबसे बड़ा पुण्य है। चिकित्सकों के लिए सेवा का इससे बड़ा मार्ग नहीं हो सकता। चिकित्सक को संवेदनशील होना चाहिए।
संवेदनशीलता, चिकित्सक की अच्छाई एवं उसकी कार्य कुशलता की परिचायक होती है। जहां चिकित्सा सेवा की अति आवश्यकता हो, चिकित्सक ऐसे गांव को गोद लेकर अपनी सेवाएं प्रदान करें। समाज की संवेदना से जुड़ना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। राज्य सरकार एम्स के सहयोग, सुरक्षा एवं सुविधा हेतु हर समय अपना योगदान प्रदान करेगी। इसके साथ ही, यदि कोई समस्या आती है तो जिला प्रशासन को अवगत कराएं, जिला प्रशासन सहयोग हेतु तत्पर है। सितम्बर दो हजार बीस तक एम्स निर्माण का कार्य पूर्ण हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी को नियंत्रित किया जा चुका है और इसके इलाज हेतु सीएचसी व पीएचसी जिला चिकित्सालय, मेडिकल काॅलेज आदि में समुचित व्यवस्था की गयी है। बीमारी के लक्षण दिखते ही मरीज को तत्काल नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया जाये ताकि उसका त्वरित इलाज हो सके।स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात हेतु जन जागरूकता भी आवश्यक है।
एम्स के निदेशक ने बताया कि एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में पचास छात्र छात्राओं का प्रवेश हुआ, अगले वर्ष इस संख्या को दोगुना किया जाएगा। एम्स में बाराह विभागों की ओपीडी प्रारम्भ हो चुकी है। यहां प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार मरीज आते हैं। अब तक कुल छब्बीस लाख से अधिक मरीजों का आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है। यह प्रक्रिया निरन्तर आगे बढ़ रही है।

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