17 जून,1995 को मा. अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में पदोन्नति बिल पर हुआ था 77वां संशोधन आज मोदी सरकार पदोन्नति बिल को लम्बित रखकर करा रही दलित कार्मिकों का उत्पीड़न
लखनऊ, 22 अप्रैल। पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल लोकसभा से पास कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र की प्रान्तीय कार्य समिति की आज एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई जिसमें यह तय किया गया कि पूरे देश के 131 दलित सांसदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं से संयोजक मण्डल के सदस्य मुलाकात कर लोकसभा से पदोन्नति में आरक्षण बिल पास कराने के लिये उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे और 17 जून, 2018 को ‘‘आरक्षण स्वाभिमान दिवस‘‘ मनाने का ऐलान भी किया है। मा. अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में 17 जून, 1995 को पदोन्नति में आरक्षण के बिल पर 77वां संशोधन हुआ था, इसलिये यह दिन दलित समाज के लिये स्वाभिमान दिवस के रूप में याद रहेगा। आरक्षण समर्थकों ने केन्द्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि मा. अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार जिसमें दलितों के लिये पदोन्नति बिल का संशोधन हुआ आज वही पदोन्नति बिल मोदी सरकार में लम्बित है।
आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा. राम शब्द जैसवारा, आरपी केन, अजय कुमार, अन्जनी कुमार, एसपी सिंह, रीना रजक, महेन्द्र सिंह, बनी सिंह, अशोक सोनकर, जितेन्द्र कुमार, श्रीनिवास राव, प्रभु शंकर, सुनील कनौजिया ने कहा कि पदोन्नति बिल पास कराने को लेकर एक बार फिर जहां देश के सभी राज्यों के आरक्षण समर्थकों को एकजुट किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उप्र में प्रत्येक जनपद में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विभागवार जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा, जिससे पूरे प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक एकजुट होकर अपने अधिकार को सुरक्षित करते हुए बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था को बरकरार रखने में अपना योगदान दें।







