उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में मानव अधिकारों पर हो रहें हमलों पर रोक लगे- हयूमन राईट मानिटरिंग फोरम
वाराणसी, 14 मार्च। हयूमन राईट मानिटरिंग फोरम ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रशासन के भारी दबाव के बाद भी अपने तय समय पर सुबह 11 बजे मानव अधिकारों की सुरक्षा करो, उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में मानव अधिकारों पर हो रहें हिंसा पर रोक लगाओ, मुठभेड़ के नाम पर किये जा रहें हत्या बन्द करों, प्रताड़ना के खिलाफ राज्य की जवाबदेही तय करों, जिला मानव अधिकार न्यायालय की स्थापना करों, लोकसभा में लंबित बिल द प्रिवेंशन आफ टार्चर को लागू करों के नारों के साथ सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय पर मार्च निकाला जो जिलाधिकारी के कार्यालय पर जाकर सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संम्बोधित करते हुए ह्यूमन राईट मानिटरिंग फोरम के अमित ने कहा की आज उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में संविधान में दिये गये मानव अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार मुठभेड़ के नाम पर हत्या करा रही है। निर्दोष बेगुनाहों को भीड़ द्वारा मारा जा रहा हैं और सरकार द्वारा गरीबों को फर्जी मुकदमों फसाकर जेलों में ठूसा जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्रारा मा.उच्चतम न्यायालय के गिरफ्तारी हिरासत पूछताछ के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्रारा मा.उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

हयूमन राईट मानिटरिंग फोरम की सदस्य महिला सदस्य मरजादी ने कहा की मा.पीएम मोदी जी मन की बात तो बहुत अच्छी करते है लेकिन वह महिलाओं और मानव अधिकारों की सुरक्षा की बात नही करते जो सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और मानव अधिकारों की रक्षा किये बिना इस देश की तस्वीर नही बदलेगा। महिलाओं और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य की जवाबदेही तय करनी होगी।
महिला अधिकारों के लिए सर्घषरत कमरुनिशा ने कहा की केंद्र सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार मानव अधिकारों की सुरक्षा की बात करने वालो के आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये कैसा विकास है जहा पर एक हक वंचित समाज अपने मानव अधिकारों के लिए सघर्ष कर रहा है और उसका हक न देकर उसका दमन किया जा रहा है।
सभा में शामिल सुनीता, छोटू राम , गीता ,सहती,,राधे,राजेश, मुन्ना,कल्लू व अन्य साथियों ने भी सभा को संम्बोधित किया!
ह्यूमन राईट मानिटरिंग फोरम ने निम्न मांगो को जिला प्रशासन के माध्यम से मा. प्रधानमंत्री को भेजा।
- सभी मानव अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाय ।
- मानव अधिकार हिंसा की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाये।
- मुठभेड़ के नाम पर किये जा रहें मानव हत्या को बंद किया जाय।
- मा. सुप्रीम कोर्ट द्रारा डी के बसु बनाम पश्चिम बंगाल के मामले में गिरफ्तारी हिरासत पूछताछ के सम्बन्ध में दिये गयें दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाय।
- मानव अधिकार अधिनियम 1993 में प्रावधानित जिला मानव अधिकार न्यायालय की स्थापना किया जाय!
- केंद्र सरकार द प्रिवेंशन आफ टार्चर बिल पास कर प्रताड़ना के प्रति राज्य की जवाबदेही तय करें।







