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    Home»उत्तर प्रदेश

    ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ में बरसा धन

    By February 21, 2018Updated:February 22, 2018 उत्तर प्रदेश No Comments14 Mins Read
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    04 लाख 28 हजार करोड़ का बजट

    प्रधानमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का शुभारम्भ किया

    योगी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘सुपर हिट परफाॅर्मेन्स’ देने के लिए तैयार

    लखनऊ: 21 फरवरी, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का शुभारम्भ करते हुए घोषणा की कि केन्द्रीय बजट 2018-19 में प्रस्तावित देश के 02 डिफेन्स काॅरिडोर में से एक, उत्तर प्रदेश में स्थापित किया जाएगा। बुन्देलखण्ड के विकास को विशेष तौर पर ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश में डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर का विस्तार आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, झांसी और चित्रकूट तक होगा। इसके तहत 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश के साथ-साथ ढाई लाख रोजगार सृजित होने की सम्भावना है।

    प्रधानमंत्री ने राज्य में हो रहे परिवर्तन को रेखांकित करते हुए कहा कि जब परिवर्तन होता है तो वह सामने से दिखायी देता है। प्रदेश में इतने व्यापक स्तर पर इन्वेस्टर्स समिट होना, इतनी विशाल संख्या में निवेशकों और उद्यमियों का एकजुट होना अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अत्यन्त कम समय में समृद्धि और विकास के रास्ते पर अग्रसर है।
    श्री मोदी ने कहा कि पहले भय व अस्थिरता के कारण उत्तर प्रदेश में जीवन दूभर था। योगी जी की सरकार ने पूर्व के ‘नेगेटिविटी’ भरे उस माहौल से राज्य को ‘पाॅज़िटिविटी’ की तरफ लाने और हताशा-निराशा को अलग करके उम्मीद की किरण जगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘न्यू यूपी’ की बुनियाद अब रखी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में संसाधनों और सामथ्र्य की कोई कमी नहीं है। जहां एक ओर लखनऊ की चिकनकारी, यहां का दशहरी आम, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, आगरे का पेठा, कन्नौज का इत्र जैसे अद्भुत उत्पाद राज्य में मौजूद हैं, वहीं ताजमहल और सारनाथ जैसी धरोहर भी यहां मौजूद है। साथ ही, अयोध्या, मथुरा और काशी जैसे प्राचीन नगर भी यहां मौजूद हैं। इस प्रदेश को गंगा, यमुना, सरयू जैसी नदियों का आशीर्वाद भी प्राप्त है।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश, देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि गेहूं, गन्ना, दूध, आलू के उत्पादन में यह प्रदेश प्रथम स्थान पर है, जबकि सब्जियों के उत्पादन में यह प्रदेश दूसरे नम्बर पर है। फलोत्पादन में यह प्रदेश तीसरे नम्बर पर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘वैल्यूज़ और वर्चूज़’ की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता वैल्यू एडिशन की है।
    श्री मोदी ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश के त्वरित विकास के दृष्टिगत तेजी से निर्णय ले रही है और आवश्यक नीतियों का निर्माण भी कर रही है। राज्य में अलग-अलग सेक्टर्स की नीतियां बनाकर काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को रोजगार सृजन से जोड़ते हुए नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पूरी गम्भीरता से किसानों, महिलाओं, नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पोटेन्शियल’, ‘पाॅलिसी’, ‘प्लानिंग’ और ‘परफाॅर्मेन्स’ से ही ‘प्रोगे्रस’ आती है। उन्होंने कहा कि योगी जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘सुपर हिट परफाॅर्मेन्स’ देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकारें ‘जाॅब सेन्ट्रिक’ होने के साथ ही ‘पीपुल सेन्ट्रिक ग्रोथ’ पर जोर दे रही हैं।

    प्रधानमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल लाॅन्च किया

    प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार उद्यमियों के लिए ‘रेड टेप’ नहीं ‘रेड कार्पेट’ की व्यवस्था कर रही है। निवेशकों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि उन्हें अपने उद्योग स्थापित करने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि आज के इस सत्र में जिस ‘निवेश पोर्टल’ का शुभारम्भ किया गया है, उससे निवेशकों को सभी सुविधाएं, क्लियरेन्सेज़, पेमेण्ट्स इत्यादि की सुविधा आॅनलाइन मिलेगी। यह देश का पहला औद्योगिक पोर्टल है। उन्होंने कहा कि यह ‘ईज़ आॅफ डुइंग बिजनेस’ की तरफ एक कदम राज्य में आईटी, इलेक्ट्राॅनिक्स, काॅन्स्ट्रक्शन और इलेक्ट्राॅनिक मैन्युफैक्चरिंग का बहुत स्कोप है। प्रदेश में सबसे ज्यादा संख्या में स्मार्ट सिटीज़ स्थापित किए जा रहे हैं।
     मोदी ने कहा कि ऐसी ही एक समिट महाराष्ट्र राज्य में भी पिछले दिनों आयोजित की गई थी, जिसमें महाराष्ट्र सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डाॅलर इकोनाॅमी बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्य में ऐसी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए कि कौन सा राज्य पहले ट्रिलियन डाॅलर इकोनाॅमी बनेगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का बहुत बड़ा योगदान है। कृषि के बाद एमएसएमई सेक्टर में ही रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर पैदा होते हैं। यह खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण तथ्य को ध्यान में रखते हुए ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना (ओडीओपी) शुरू की। इस योजना को ‘बैकअप पावर’ केन्द्र सरकार के स्किल इण्डिया, स्टैण्ड अप इण्डिया, स्टार्ट अप इण्डिया मिशन से मिलेगी। ओडीओपी योजना को ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ से जोड़कर एमएसएमई सेक्टर का कायाकल्प किया जा सकता है।

    फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना’:

    प्रधानमंत्री ने प्रदेश की कृषि का जिक्र करते हुए कहा कि खेती से जुड़ी एक बड़ी चुनौती है, फसल को खेत से बाजार पहुंचाने की, क्योंकि इस दौरान बड़ी मात्रा में फसल और सब्जियां खराब हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत पूरी सप्लाई चेन और इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एग्रीकल्चर बाई प्रोडक्ट्स, एग्रीकल्चर वेस्ट से वेल्थ की भी असीम सम्भावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर गन्ने के उत्पादन में उत्तर प्रदेश के सबसे आगे रहने की वजह से यहां एथेनाॅल प्रोडक्शन का बहुत पोटेन्शियल है।
    मोदी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जो इस राज्य को 21वीं सदी में नई बुलन्दियों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष की शुरुआत में प्रयाग में कुम्भ का आयोजन किया जाएगा। कुम्भ को यूनेस्को द्वारा ‘मानवता की अमूल्य धरोहर’ की मान्यता दी जा चुकी है। प्रयास इस बात का किया जाना चाहिए कि कुम्भ मेला वैश्विक स्तर का हो और पूरे विश्व से पर्यटक इससे आकर्षित होते हुए इसमें भाग लेने के लिए आएं।
    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालकर एक समृद्ध राज्य बनाए जाने की कड़ी में ही ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का आयोजन किया गया है। पिछले 11 महीनों के अंदर राज्य सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के सम्बन्ध में उन्हें प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन मिलता रहता है। प्रधानमंत्री जी का कहना है कि विकास का कोई विकल्प नहीं है, इसके लिए सुशासन आवश्यक है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पटल पर भारत को स्थापित करने का रास्ता उत्तर प्रदेश से जाता है। प्रदेश को विकासशील और समृद्ध बनाने के दृष्टिगत इस समिट में एग्रो और फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, हैण्डलूम एण्ड टेक्सटाइल, एमएसएमई, आईटी/आईटीईएस एण्ड स्टार्टअप, इलेक्ट्राॅनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म, टूरिज्म, सिविल एविएशन और रिन्यूएबिल एनर्जी फोकस सेक्टर निर्धारित किए गए हैं।
    उन्होंने कहा कि किसी भी भू-भाग को विकसित करने के लिए सुदृढ़ कानून व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर जिसमें बिजली, सड़कें, परिवहन और सिंचाई प्रमुख हैं, उद्योंगों को बढ़ावा तथा स्वस्थ, शिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता बुनियादी आवश्यकतायें हैं। इसके साथ ही सरकार की नीतियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किये जाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, जागरूक और जवाबदेह बनाए जाने की भी आवश्यकता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 99 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है, जिनमें से सर्वाधिक 10 स्मार्ट सिटी उत्तर प्रदेश के हैं। लखनऊ मेट्रो का व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ हो चुका है। कानपुर, मेरठ एवं आगरा में मेट्रो रेल सेवा की डीपीआर तैयार की जा चुकी है। वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर एवं झाँसी की मेट्रो परियोजनाओं को केन्द्र सरकार की नई नीति के अनुरूप संशोधित किया जा रहा है।
    योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति के अंतर्गत विभिन्न सेक्टर्स में पूर्व से स्थापित तथा नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए विभिन्न नीतियाँ बनाई गई हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि उद्योगों की स्थापना का सीधा सम्बन्ध रोजगार सृजन से हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी 03 वर्षों में उद्योगों के माध्यम से 40 लाख रोजगार सृजित करने का है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास हेतु राज्य सरकार को नीतिगत रणनीति बनाये जाने हेतु सुझाव देने के लिए देश के एमीनेण्ट इण्डस्ट्रियलिस्ट्स की एक एडवाइजरी बाॅडी ‘राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड’ का गठन किया गया है। इस बोर्ड के माध्यम से देश के अग्रणी उद्योगपतियों का सक्रिय सहयोग प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को एक दिशा प्रदान करने में मिल सकेगा।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार और उद्योग को सुगम बनाने और विभिन्न स्वीकृतियों आदि से सम्बन्धित प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से ईज़ आॅफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत बिजनेस रिफाॅर्म ऐक्शन प्लान 20 विभागों द्वारा लागू कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। औद्योगिक इकाइयों से संबंधित स्वीकृतियों, अनुमोदनों, अनुमतियों तथा लाइसेन्सों की आॅन-लाइन सुविधा एक छत के नीचे प्रदान करने के लिए डिजिटल क्लीयरेन्स की प्रणाली लागू की गयी है, जिसकी माॅनीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है।
    योगी जी ने कहा कि प्रदेश के जनपदों में पारम्परिक शिल्पों एवं लघु उद्यमों के संरक्षण के लिए तथा उसमें अधिक से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना लाॅन्च की जा चुकी है। इस योजना के तहत विभिन्न जनपदो के चयनित स्थानीय उत्पादों के लिए मार्केटिंग, तकनीकी उन्नयन, कौशल एवं उद्यमिता प्रशिक्षण तथा आसान ऋण की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्टार्ट-अप नीति लागू की गयी है। यह नीति विभिन्न औद्योगिक सेक्टर्स में इनोवेशन के लिए एक मजबूत धरातल नये उद्यमियों को प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से स्टार्ट-अप्स के लिए आईआईटी कानपुर, बीएचयू सहित प्रदेश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों को जोड़ा जाएगा। उद्योगों के विकास के लिए उत्कृष्ट परिवहन सुविधाआंे का होना अत्यन्त आवश्यक है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लोगों को त्वरित आवागमन के साधन उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी कराया जाएगा।
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले ‘वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ तथा ‘ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ से राज्य से माल ढुलाई के समय में बेहद कमी आएगी। ‘ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ प्रदेश के उद्यमियों को पूर्वी भारत के बन्दरगाहों तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराने में सहायक होगा। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ के दोनों तरफ विकसित की जा रही ‘अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर’ परियोजना को केन्द्रित करते हुए, उत्तर प्रदेश में 02 नेशनल इन्वेस्टमेन्ट एण्ड मैन्युफैक्चरिंग जोन्स तथा इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स विकसित किए जाएंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों को वायुयान सुविधा से जोड़ने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम बनायी गयी है। जेवर में अंतर्राष्ट्रीय ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की स्थापना करायी जा रही है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश तथा नागरिक विमानन सेवाओं में वृद्धि होगी। प्रदेश में विद्युतीकरण और विद्युत संयोजन के कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गयी है। प्रदेश में घर-घर बिजली पहुँचाने के उद्देश्य से हमारी सरकार द्वारा भारत सरकार के साथ पावर फाॅर आॅल योजना प्रदेश में क्रियान्वित किए जाने हेतु समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है। भारत सरकार की सौभाग्य योजना प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही है जिसके अन्तर्गत लगभग डेढ़ करोड़ घरों को मार्च, 2019 तक विद्युत संयोजन दिये जाने का लक्ष्य है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों को दी गई आपूर्ति में लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    प्रदेश सरकार पर्यावरण विकास की पक्षधर: योगी

    योगी जी ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण हितैषी विकास की पक्षधर है। राज्य सरकार ‘ग्रीन ग्रोथ’ को प्रोत्साहित कर रही है। जैव ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए राज्य सरकार ने ‘जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम’ लागू करने का निर्णय भी लिया है। इसमें बायो एथेनाॅल उत्पादन, बायो डीजल उत्पादन तथा बायो गैस आदि के उत्पादन से जुड़े उद्यमों के लिए विशेष प्राविधान किए गए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। नई पर्यटन नीति में पर्यटन क्षेत्र की सभी गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लैण्ड बैंक सृजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म तथा ईको-टूरिज्म के प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
    योगी जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की इस समिट में 100 ‘फाॅर्चून-500’ कम्पनियां मौजूद हैं और अब तक 1045 एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं। प्रदेश का वर्ष 2018-19 का बजट 04 लाख 28 हजार करोड़ रुपए का है और इतनी ही धनराशि के एमओयू साइन किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि साइन किए गए एमओयू की प्रगति की माॅनीटरिंग वे स्वयं करेंगे। प्रधानमंत्री जी के ‘न्यू इण्डिया विज़न’ को साकार करने के लिए ‘पावरिंग यूपी’ अपना योगदान देगा।
    इससे पूर्व, कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को समृद्धशाली राज्य बनाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। राज्य सरकार निवेशकों का पूरा ध्यान रखेगी। उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री जी के सपनों के अनुसार विकसित किया जाएगा।

    भारत और माॅरिशस के बीच खून का रिश्ता:अनिरुद्ध जगन्नाथ

    इन्वेस्टर्स समिट को माॅरिशस के पूर्व प्रधानमंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और माॅरिशस के बीच खून का रिश्ता है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और मजबूत हुआ है। उनके पूर्वज उत्तर प्रदेश से माॅरिशस गए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपने देश के कोलेबोरेशन और पार्टीसिपेशन की इच्छा जतायी। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन, कृषि तथा वित्तीय सेवा सेक्टर में सहयोग की सम्भावनाओं को तलाशा जा सकता है।

    रिलायंस जियो 10 हजार करोड़ का निवेश करेगी: मुकेश अम्बानी

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रिलायंस इण्डस्ट्रीज़ के चेयरमैन श्री मुकेश अम्बानी ने कहा कि रिलायंस जियो उत्तर प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। अडानी समूह के चेयरमैन श्री गौतम अडानी ने कहा कि अगले 05 वर्ष में वे उत्तर प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन श्री कुमार मंगलम बिड़ला ने अपने सम्बोधन में कहा कि बिड़ला समूह उत्तर प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा। महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा के चेयरमैन श्री आनन्द महिन्द्रा ने कहा कि उनकी माताजी इस प्रदेश की निवासी थीं।
    उत्तर प्रदेश की तुलना राज्यों से नहीं, बल्कि देशों से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे वाराणसी में कई तरह के निवेश करेंगे और वहां रिज़ाॅर्ट भी स्थापित करेंगे। एस्सेल गु्रप के चेयरमैन सुभाष चन्द्रा ने कहा कि उनके समूह ने राज्य सरकार के साथ 18 हजार 750 करोड़ रुपए का एमओयू किया है। इसी प्रकार टाटा संस के चेयरमैन एन. चन्द्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चौतरफा विकास के लिए उनका समूह राज्य सरकार से मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ में टीसीएस की मौजूदगी बदस्तूर जारी रहेगी और इसे और मजबूत किया जाएगा। समिट को सीआईआई की अध्यक्ष और अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइज की कार्यकारी उपाध्यक्ष सुश्री शोभना कामिनेनी और फिक्की के अध्यक्ष तथा ईडेलवाइस ग्रुप के चेयरमैन श्री रसेश शाह ने भी सम्बोधित किया।
    इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के उपरान्त समिट स्थल का अवलोकन भी किया। उन्होंने इस अवसर पर निवेश मित्र पोर्टल को लाॅन्च भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को एक प्रतीक चिन्ह और शाॅल भी भेंट किया गया।
    समिट के दौरान राज्यपाल श्री राम नाईक , केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य मंत्रिगण, उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डाॅ. दिनेश शर्मा, राज्य मंत्रिमण्डल के अन्य सदस्य, केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में उद्योगपति तथा अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।

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