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पुरुष नसबंदी का ग्राफ बढ़ाने के लिए तैनात होंगे टीम लीडर

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  • हौसला साझेदारी योजना: पहले चरण में यूपी के सर्वाधिक टीएफआर वाले 20 जिलों में होगी तैनाती
  • सिफ्सा और पीएसआई नई नियुक्ति का मिलकर उठाएंगे खर्चा

लखनऊ, 24 नवंबर 2018: प्रदेश में पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अब टीम लीडर तैनात होंगे. ये नियुक्तियां हौसला साझेदारी योजना के अंतर्गत की जाएंगी।

योजना के तहत पहले उन जिलों की सूची तैयार की गईं है जिसमें टी.एफ.आर. यानि टोटल फर्टिलिटी रेट तीन से अधिक है. माना गया कि अधिक टी.एफ.आर. वाले जिलों में नसबंदी यानि खासतौर पर पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहन करने की आवश्यकता है। इन जिलों में आगरा, अलीगढ, इलाहाबाद, अमरोहा, बरेली, फैजाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नोएडा/ गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं।

टीम लीडर के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसका खर्चा सिफ्सा ( स्टेट इनोवेशन इन फैमिली प्लानिंग सर्विसेज प्रोजेक्ट एजेंसी ) और पी.एस.आई. (पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया ) मिलकर उठाएंगे। सिफ्सा के नोडल अफसर राजेश बानगिया ने बताया कि पहले चरण में यह योजना एक वर्ष के लिए शुरू की जा रही है. परिणाम सकारात्मक आने पर भविष्य में यह योजना अन्य जिलों में लागू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान के 20 जनपदों के शहरी इलाकों में ये टीम लीडर्स जिले की पांच से दस आशाओं के साथ मिलकर अपना काम करेंगे. इस मुहिम में उन आशाओं को प्रमुख रूप शामिल किया जा रहा है जिन्होंने पुरुष नसबंदी को विशेष तौर पर प्रोत्सहित किया है। ये टीम शहर की फैक्ट्री, चौराहों, रिक्शा स्टैंड और लेबर अड्डों पर पुरुष नसबंदी के प्रति जन जागरूकता फैलाएगी। इनका फोकस खास तौर शहर के मजदूर वर्ग पर होगा. इस योजना में पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहित करने के लिए जनपदवार 50 केस प्रति माह का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. यानी प्रदेश के कुल 20 जनपदों में 12 हजार प्रति वर्ष नये केस होने की उम्मीद है।

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