- लाइन लाॅस को 15 प्रतिशत लाने पर जब सरकार ने साइन किया उदय फिर अब बिजली चोरी के नाम पर निजीकरण की बात करना बेमानी।
- बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर जब हो रही हैं बड़ी-बड़ी बातें तो सरकार इस बात पर भी दे ध्यान कि बाबा साहब का हमेशा से मानना रहा है कि बिजली और पानी सरकार के अधीन रहने पर ही जनता को मिल सकेगा लाभ।
- जब बिजली दर बढ़ोत्तरी पर उपभोक्ता परिषद लाइन हानियों का उठाता है मुद्दा तो बिजली कम्पनियां देती हैं जवाब लाइन हानियों में हो रही कमी और जब करना है निजीकरण तो बोलते हैं हो रही है बढ़ोत्तरी।
लखनऊ, 04 अप्रैल। उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि प्रदेश की बिजली कम्पनियां को जब टैरिफ बढ़ाना होता है तो बढ़ा ही लेती है और इसका कारण वह लाइन हानियों व बिजली चोरी पर लगा कर पल्ला झाड़ लेती है लेकिन जब उपभोक्ता परिषद सवाल उठाता है, तो बिजली कम्पनियां कहती हैं कि लगातार लाइन लाॅस में कमी आ रही है और अब जब बिजली विभाग के 5 शहरों का निजीकरण का फैसला किया गया है तो यह प्रचारित किया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। इसलिये निजीकरण करना जरूरी है। इसी बिजली चोरी व एटीसी हानियों को 15 प्रतिशत पर लाने के लिये विगत वर्ष उदय साइन किया गया और प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी करायी गयी। ऐसे में अब जब बिजली चोरी को रोकने के लिये पावर कार्पोरेशन लाइन हानियों पर अंकुश लगाने का विकल्प निजीकरण बता रहा है तो उसे यह मान लेना चाहिए उदय स्कीम पूरी तरह फेल साबित हुई है। लेकिन उदय भी सफल है, पावर फार आल भी सफल है, फिर निजीकरण पर बात क्यों हो रही है। इसका सीधा मतलब है कि निजी घरानों को बढ़ावा देने के लिये बड़ी बड़ी बातें हो रही हैं। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र का सुधार होने वाला नहीं है।
बिजली सस्ती ही नहीं बहुत सस्ती होनी चाहिए:
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौसिल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जब वर्तमान समय में बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर को लेकर पूरे देश में राजनीति चरम पर है, उस दौर में सभी को यह भी याद होना चाहिए कि बाबा साहब का हमेशा यह मानना रहा है कि बिजली और पानी आवश्यक सेवायें हैं। इसे हमेशा सरकारों को अपने अधीन रखकर जनता को बेहतर सुविधाएं देना चाहिए।
दूसरा बाबा साहब का हमेशा यह भी मानना रहा कि बिजली सस्ती ही नहीं बहुत सस्ती होनी चाहिए, जिससे आम गरीब जनता उसका उपभोग कर पाये। ऐसे में उप्र सरकार को निजीकरण प्रक्रिया को वापस लेकर बाबा साहब द्वारा सुझाये गये प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि उप्र सरकार को यह सोचना चाहिए कि बिजली पानी आवश्यक सेवाओं का अंग है, उसमें यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार है, उपभोक्ताओं का उत्पीड़न है, ऐसे सभी मुद्दों पर दृढ़ इच्छा शक्ति करके बिजली क्षेत्र में जीरो टाॅलरेन्स की नीति पर हर स्तर पर अभियान चलाकर विभाग में व्यापक सुधार करने की दिशा में बेहतर प्रयास करना चाहिए, निश्चित रूप से विभाग में व्यापक सुधार आयेगा।







