‘यूपी-100’ का रिस्पाॅन्स समय 10 मिनट किये जाने की आवश्यकता: मुख्यमंत्री

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‘यूपी-100’ के दोपहिया वाहन पुलिस इमरजेंसी प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायक होंगे

पिछले 11 महीनों में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है

मुख्यमंत्री ने ‘यूपी-100’ के दोपहिया पीआरवी वाहनों के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया

लखनऊ: 20 फरवरी, 2018: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘यूपी-100’ सदैव जनसेवा के लिए तत्पर रहे, ताकि संकट पड़ने पर लोगों की मदद प्रभावी ढंग से की जा सके। किसी घटना की सूचना मिलने पर ‘यूपी-100’ की टीम घटनास्थल पर तेजी से पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लेकर लोगों की मदद करे। उन्होंने आवश्यकता जताई कि इसका रिस्पाॅन्स समय 10 मिनट किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सेवा में कार्यरत पुलिस कर्मियों को अपने व्यवहार को मित्रवत बनाना चाहिए, ताकि लोग उनसे घबराएं नहीं।
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां अपने सरकारी आवास पर ‘यूपी-100’ के 1600 दोपहिया पीआरवी वाहनों के प्रथम चरण के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि पिछले 11 महीनों में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। वर्तमान सरकार प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस को परम्परागत चेहरे को बदलना होगा व आमजन से दोस्ताना सम्बन्ध स्थापित करना होगा, क्योंकि जनता पुलिस की सबसे अच्छी इंटेलीजेंस साबित हो सकती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘यूपी-100’ के वाहनों को झण्डी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में स्थापित मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) पर मुख्यालय से निर्देश प्राप्त होंगें, जिससे कॅालर की लोकेशन पर सीधे पहुुंचा जा सकेगा। इसके अलावा ये वाहन में एलईडी लाइट, सायरन, पीए सिस्टम, क्राइम सीन किट, यूटीलिटी बाक्स, हेलमेट, टार्च मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, बोतल होल्डर आदि सुविधाओं से भी लैस होंगे। उन्होंनेे कहा कि इन वाहनों के शामिल होने से पुलिस इमरजेंसी प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री जी ने एडीजी लाॅ एण्ड आर्डर श्री आनन्द कुमार को प्रतीक स्वरूप चाभी सौंपी। इस मौके पर पुलिस विभाग की एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिए गम्भीरता से काम किया जा रहा है। पीएसी की बंद पड़ी 54 कम्पनियों को फिर से पुनर्गठित करने का काम शुरू किया गया है। इसी प्रकार एसडीआरएफ के गठन को भी चरण बद्ध ढंग से शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्य प्रणाली और उसके जनता के प्रति व्यवहार में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए जघन्य घटनाओं में तुरन्त कार्रवाई करते हुए अपराधियों को पकड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय होना चाहिए, ताकि वे अपराध कारित करने से पहले सोचें और अपराधों से विरत रहें।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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