- सोमवार को तूफान ने मचाई थी भयंकर तबाही, 31 की मौत, 600 घायल
- दक्षिणी नेपाल के बारा और परसा प्रभावित, राहत और बचाव कार्य के लिए बुलाई गई सेना
नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2019: सोमवार को दक्षिणी नेपाल में कई जगह भीषण आंधी-तूफान के आने से कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 600 अन्य लोग घायल हुए हैं। तूफान थमने के बाद अब नेपाल के बारा में तबाही का मंजर है। लोग अपने मकानों को फिर से जोड़ने में लगे है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि वहां जान माल का भी काफी नुक्सान हुआ है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रविवार शाम बारा तथा परसा जिलों के गांवों में आंधी-तूफान आया था।
राजधानी काठमांडो से 128 किलोमीटर दक्षिण में स्थित बारा जिले में तूफान से 30 लोगों की जान चली गई जबकि परसा जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है।प्रांत 2 के अटॉर्नी जनरल दीपेन्द्र झा के अनुसार घायल हुए लोगों में से अधिकतर लोग बारा की ‘‘फेटा ग्रामीण नगर पालिका’ के फेटा और भुलाही भरवलिया इलाकों से हैं। नेपाल में मानसून के मौसम में भूस्खलन से हर वर्ष सैकड़ों लोग मारे जाते हैं लेकिन वसंत के मौसम तूफान से इतने लोगों का हताहत होना असामान्य बात है।

परसा जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रांत 2 मंत्रिपरिषद ने सोमवार को आपात बैठक की। बैठक में पीड़ितों के परिवारों को 3,00,000 रपए सहित राहत पैकेज के साथ-साथ टेंट, खाद्य पदार्थ, चिकित्सा आपूत्तर्ि आदि भी मुहैया कराने का फैसला किया गया।
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा:
प्रांत 2 सरकार ने केन्द्रीय सरकार से प्रभावित इलाकों में आपात स्थिति घोषित करने की अपील की है। वहीं प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया और लोगों के मारे जाने की घटना पर दुख व्यक्त किया तथा मृतकों के परिजन के प्रति समवेदना भी जाहिर की। उन्होंने प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया।







