लड़कियों के लिए शिक्षा की वकालत करने के लिए तालिबान के एक बंदूकधारी ने उन्हें सिर पर मारी थी गोली
इस्लामाबाद, 30 मार्च। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई करीब छह साल बाद पाकिस्तान वापस लौट गई हैं। साल 2012 में तालिबानी आतंकियों द्वारा किए गए हमले के बाद मलाला की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है। मलाला को पाकिस्तान में नौ अक्टूबर 2012 को आतंकियों ने सिर में गोली मार दी थी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था।
पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि मलाला उस घटना के बाद पहली बार पाकिस्तान लौटी हैं, जब साल 2012 में लड़कियों के लिए शिक्षा की वकालत करने के लिए तालिबान के एक बंदूकधारी ने उन्हें सिर पर गोली मारी थी। यानी पूरे छह साल बाद मलाला अपने देश वापस गई हैं।
बता दें कि तालिबानी हमले के बाद मलाला ने पाकिस्तान छोड़ दिया था और वह इंग्लैंड में रहने लगी थीं। पाक मीडिया के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 1:41 बजे पाकिस्तान के बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका विमान उतरा। उनके पाक आगमन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विमान से उतरने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एक स्थानीय होटल में ले जाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर उनकी यात्रा का विवरण गुप्त रखा गया।
बता दें कि मलाला ने 2018 के जनवरी में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में कहा था कि मुझे विश्वास है, मैं एक दिन पाकिस्तान जरूर जाऊंगी और अपने देश को देखूंगी। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी मलाला से मिलेंगें।
मलाला पारंपरिक पाकिस्तानी सलवार, कमीज और दुपट्टा पहने विमान से बाहर निकलीं। उनके साथ उनकी मां और उनके पिता भी एयरपोर्ट पर देखे गए। जानकारी के मुताबिक, मलाला अपने परिवार और मलाला फंड के सीईओ के साथ ‘मीट द मलाला’ कार्यक्रम में शामिल होंगी। वह चार दिनों तक पाकिस्तान में रहेंगी। गौर हो कि दुनिया भर में लड़कियों की शिक्षा के लिए मलाला ने मलाला फंड की स्थापना की है।







