डेंगू रोकथाम में सीएमओ को सारे अधिकार सीएमओ को नोटिस के बाद 24 घंटे में विभाग या अधिकारी ने कार्यवाई नही की तो लग सकता जुर्माना : सिद्धार्थनाथ सिंह

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लखनऊ। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि डेंगू एडीज एजीप्ट मच्छर से होता है, और यह मच्छर कई दिनों तक रखे हुए पांच एमएल पानी में भी पैदा हो जाते हैं, इसलिए कहीं भी पानी नहीं जमा होने देना चाहिये। इसके लिए जनपद में सर्वाधिकार देकर सीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है, सीएमओ किसी भी अधिकारी या कार्यालय में पानी जमा होने की स्थिति मिलने पर नोटिस दे सकता है और 24 घंटे में कार्रवाई न होने की दशा में सीएमओ द्वारा संबन्धित व्यक्ति या संस्थान पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के उपरांत स्वास्थ्य महानिदेशालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डेंगू वायरस की रोकथाम के लिए प्रदेश में प्रदेश में 70 टीमें रैपिड एक्शन टीम बनाई गर्इं हैं, जोकि एक हफ्ते में एक वार्ड का निरीक्षण कर, पानी भरे पोखरों को खाली करायेगी, साफ सफाई का विशेष ध्यान देगी, इसके अलावा कही डेंगू का मरीज मिलने पर उक्त टीम पहुंचेगी और मरीज के घर के 100 मीटर के दायरे में साफ-सफाई कर एकत्र पानी को सूखाने का प्रबन्ध करेंगी ताकि क्षेत्र से मच्छर की पैरावार न हो सके। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सीएमओ के नेतृत्व में सरकारी विभागों के कार्यालयों व अधिकारियों के आवास पर औचक निरीक्षण किया जायेगा, अगर निरीक्षण स्थल पर बरसाती पानी, गमलों में पानी व कूलर आदि में पानी एकत्र मिलने पर सीएमओ द्वारा संस्थान या उक्त कार्यालय प्रभारी को नोटिस दिया जायेगा। नोटिस देने के 24 घंटे के अंदर विभाग में साफ-सफाई आदि कार्रवाई न होने की दशा में सीएमओ द्वारा उक्त संस्थान पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

अगले सप्ताह सरकारी अस्पतालों में होगी सफाई
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ ने कहा कि हम लोगों ने अन्य विभागों के प्रमुख सचिव समेत अन्य आलाधिकारियों के साथ मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जनजागरण कार्यक्रम चलाने को कहा है, प्रत्येक विभाग से कार्यालयों में मच्छर पैदावार की रोकथाम के लिए साफ-सफाई के निर्देश दिये गये है । स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षक इन बच्चों को मच्छर जनित रोगों के कारणों एवं बचाव के संसाधनों से जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग समेत प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सफाई के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में साफ सफाई और पानी न एकत्र होने की दशा के लिए पहले अपने विभाग से कार्य शुरू करेंगे। अस्पताल के अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि अगले सप्ताह में पूर्णतया सफाई रखे।

अस्पताल में आरक्षित हुए बेड
प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने कहा कि डेंगू मरीजों के इलाज हेतु प्रत्येक जिला अस्पताल में 10 बेड और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 5 बेड आरक्षित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा अस्पतालों में हाई फीवर मरीजों के लिए फीवर डेक्स बनाने के निर्देश दिये गये है ताकि बुखार के मरीजों को लाइन न लगानी पडे तुरन्त इलाज उपलब्ध हो।

जिलाधिकारियों को शामिल किया जायेगा मुहीम में
मच्छरों को जड़ मूल से खात्मे के लिए जनपद के जिलाधिकारियों को भी अभियान से जोड़ा जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर, विभागों को अभियान से जोड़ा गया है। शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिला पंचायत आदि को जोड़कर अभियान को सफल बनाया जायेगा। युद्ध स्तर पर शहर व गांव में एंटी लार्वा छिड़काव किया जायेगा। इसके लिए जिलाधिकारी को भी टीम में शामिल किया जायेगा।

इस वर्ष मिल चुके हैं 89 मरीज
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह ने कहा कि गत वर्ष 2016 में डेंगू के 15033 केस मिले थे, 42 मरीजों की मौत हुई थी। इस वर्ष जून माह तक 89 मरीज मिल चुके हैं। हम लोगो का पूरा प्रयास है कि बीमारी को हर स्तर पर रोका जाये। इसके लिए गत वर्ष के 4.50 करोड़ के बजट की अपेक्षा इस बार ज्यादा दिया जायेगा। ताकि जागरूकता कार्यक्रम और उपचार की उत्तम व्यवस्था हो सके।
जेई टीकाकरण सफल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जापानी इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के 88.5 लाख बच्चों में वेक्सीनेशन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मगर, स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से टीकाकरण 103 प्रतिशत सफल रहा है। अबतक के किसी भी टीकाकरण कार्यक्रम में रिकार्ड साबित हुआ है।

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