15 महीने पहले बनी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की योजना : मनोहर पर्रिकर

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Defence Minister Manohar Parrikar. Express archive photo

 

नई दिल्ली। 29 सितंबर 2016 शायद ही कोई भारतीय इस तारीख को भूलेगा। यह वही तारीख है जिस दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसी दिन भारतीय सेना के कुछ जवान अदम्य पराक्रम दिखाते हुए पीओके में घुसे और आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया था। देशभर में इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना के जयकारे लग रहे थे और मोदी सरकार भी जय-जयकार हो रही थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी में 15 महीने का वक्त लगा था।
मनोहर पर्रिकर याद करते हुए बताते हैं कि पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की नींव 9 जून 2015 को रखी गई थी। उन्होंने कहा, हमने इसकी तैयारी 15 महीने पहले ही शुरू कर दी थी। इसके लिए अतिरिक्त बलों को ट्रेनिंग दी गई। प्राथमिकता के आधार पर हथियार लिए गए। पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बताया कि मीडिया के एक प्रश्न ने उन्हें काफी परेशान किया और उसके बाद पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी की गई थी। यह प्रश्न एक टीवी एंकर ने सूचना प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से साल 2015 में म्यांमार सीमा पर हुए एंटी इनसर्जेंसी आॅपरेशन के बाद पूछा था।
पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना की ऐसी पहली कार्रवाई नहीं थी। इससे पहले साल 2015 में भारतीय सेना ने ऐसा ही एक अभियान म्यांमार सीमा पर भी चलाया था। उग्रवादियों के दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने म्यांमार सीमा पर कार्रवाई की। मनोहर पर्रीकर ने बताया, 8 जून की सुबह हमने म्यांमार सीमा पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया और 70-80 उग्रवादियों को मार गिराया। उन्होंने कहा, ‘यह कार्रवाई बेहद सफल रही। बता दें कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद भारतीय सेना की यह सबसे बड़ी कार्रवाई थी।
— उमर अब्दुल्ला ने रणनीतिक सुरक्षा पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला ने रणनीतिक सुरक्षा पर सवाल उठाए. ऐसा उन्होंने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा की टिप्पणियों को मद्देनजर रखते हुए की। उन्होंने कहा कि मैंने बहुत गहनता से उनकी बात सुनी पर जबाव देने के लिए सही समय का इंतजार करने का निश्चय किया। उमर ने कहा कि हो सकता था एंकर के सवाल ने पाकिस्तान के साथ व्यापक संघर्ष को उकसाया।हम इस प्रकार के फैसले से सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं।

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