दलों में जारी हैं आरोप-प्रत्यारोप का दौर
नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े घोटालों में शुमार 2 जी केस पर विशेष अदालत द्वारा गुरुवार को कथित 2जी केस में सभी आरोपियों को बरी करने के बाद कांग्रेस और डीएमके ने कहा कि न्याय की जीत हुई है। वहीं,भाजपा ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मनमाना, दोषपूर्ण और भ्रष्ट था और जांच एजेंसियां इस पर आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगी। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2जी घोटाला देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक था और लोग जानना चाहते हैं कि इसका जिम्मेदार कौन था। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा,इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और संप्रग के पतन के कारणों में से एक था, आज हर कोई बरी है। क्या सीबीआई ने मामले में गड़बड़ी की? जानबूझकर? लोग इसका जवाब चाहते हैं। जानेमाने वकील और स्वराज अभियान के संस्थापक प्रशांत भूषण ने 2जी घोटाले के सभी आरोपियों के बरी होने को ‘काफी गलत’ करार दिया और कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रभावशाली लोग देश की न्यायिक प्रणाली के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा,बेनामी लाइसेंस,पहले-आओ-पहले-पाओ प्रणाली में सांठगांठ और मामले में रिश्वत के काफी सबूत थे। शर्म आनी चाहिए।
2जी मामले में बरी होने पर पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा ने कहा कि वे निर्दोष थे और उन पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर साल 2008 में स्पेक्ट्रम आवंटन का आरोप गलत था। राजा ने एक बयान में कहा,मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि फैसले से पहले ही मुझे दोषी साबित किया जा रहा हो, जबकि मेरे कार्यो का फायदेमंद परिणाम जगजाहिर है,खासकर गरीबों को इससे फायदा हुआ। राजा को इस कथित आरोप में 15 महीने की जेल की सजा काटनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘निहित स्वार्थो ने उनके खिलाफ आरोपों को मीडिया का फायदा उठाकर सनसनीखेज बनाया और नकली आरोप उन पर लगा दिए। इसके साथ डीएमके की सांसद कणिमोझी ने कहा कि यह उनकी पार्टी के एक महत्वपूर्ण दिन है,क्योंकि ‘न्याय की जीत हुई है। फैसले की घोषणा के बाद कणिमोझी ने मुस्कुराते हुए कहा,यह काफी दुखद अनुभव था कि आप उसके लिए आरोपी ठहराए जाएं,जो आपने किया ही नहीं और आप पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जा रहा है,जिसका आप कभी भी हिस्सा नहीं रहे।







