मृत्युंजय दीक्षित
उप्र में मार्च 2017 में प्रचंड बहुमत के बाद सत्ता में आयी योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपने छह माह का कार्यकाल पूरा कर लिया है। नयी सरकार के लिए वैसे तो छह माह का कार्यकाल बहुत छोटा है लेकिन अब जनता काफी तेजी से सरकारों से रिजल्ट चाहती है। योगी सरकार प्रदेश को परिवर्तन की ओर ले जाने के लिए कृतसंकल्प है तथा यह सरकार के पिछले छह माह में लिये गये निर्णयों से पता भी चल रहा है। बहुत दिनों बाद प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ कदमताल मिलाकर चल रही है। सरकार फैसले तो बहुत ले रही है। लेकिन अभी उनके परिणाम आने में समय लग रहा है यही एक बहुत बड़ी चुनौती भी सरकार व मुख्यमंत्री के सामने हैं। विगत दिनों सरकार के छह माह पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरानी सरकारों केे कार्यकाल पर एक श्वेतपत्र जारी करके पुरानी सरकारों का काला चिट्ठा खोल कर रख दिया और बाद में अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए तथा भविष्य में वह क्या करने वाले हैं इस पर एक पुस्तिका भी जारी की है। प्रदेश सरकार प्रदेश में समानता के आधार पर जातिवाद व भेदभाव से रहित होकर विकास का लक्ष्य पूरा करने के लिए कृतसंकल्प दिखलायी पड़ रही है।
प्रदेश सरकार के सभी मंत्री पार्टी के संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर रहे है। लेकिन वहीं दूसरी ओर सरकार के समक्ष कई चुनौतियां भी सामने आ रहीं है। गोरखपुर व फर्रूखाबाद के सरकारी अस्पतालों में बच्चों की मौत के कारण सरकार को बदनामी भी झेलनी पड़ी लेकिन सरकार की ओर से भी लापरवाह अफसरों और चिकित्सकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की गयी। प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के प्रति भी बदमानी झेलनी पड़ी, वहीं विधानसभा में विस्फोटक मामले पर अफसरों की झूठी रिपोर्ट से सरकार की किरकिरी हो गयी। लेकिन इन झटकों से सरकार उबर भी रही है तथा कई क्षेत्रों में कड़े व काफी तेजी से फैसले भी ले रही है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 पेज मेें पिछली सरकारों का काला चिटठा खेल कर रख दिया और बताया कि 15 साल में यूपी पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। कोई भी विभाग व क्षेत्र ऐसा नही है। जिसमें भ्रष्टाचार व घोटाला न हुआ हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार विगत छह माह से परिश्रम, फैसलों और संकल्पों की रही है। प्रदेश सरकार युवाओं, महिलाओं ,किसानों के हित में लगातार निर्णय कर रही है। भ्रष्टाचार व अपराध के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनायी जा रही है। प्रदेश सरकार ने भू माफिया के खिलाफ एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है तथा एक पोर्टल भी बनाया है जिसके बाद भू माफिया पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कई भू – माफिया ने तो स्वतः ही अपनी जमीनों को छोड़ना शुरू कर दिया है। इसी प्रकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया। जिसके बाद कालेज जाने वाली छात्राओं को कुछ राहत मिली है।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध व अपराधियों को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ा रवैया अपना रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट रूप से कहना है कि,“ जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाया जायेगा। जो नहीं मानेंगे उन्हें ठोक दिया जायेगा। अपराधियों को गोली का जवाब पूलिस गोली से ही देगी।” मुख्यमंत्री के इतने कड़े तेवरों के बाद अब पुलिस बलों के हौसले पहले से बुलंद दिखलायी पड़ रहे हैं। सरकार ने पुलिस को अपराधियों के साथ सीधी मुठभेड़ के लिए ललकारने, अपराधियों पर इनामी राशि बढ़ाने और सख्ती के लिए नया कड़ा कानून बनाने की पहल की है। खबर है कि महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज पर यूपीकोका कानून विधानसभा के अगले सत्र मे रखा जा सकता है। अब जिलों में अपराधियों व पुलिस के बीच मुठभेड़ की खबरें आ रही है। छह महीने में 422 मुठभेड़ों में 17 अपराधी पुलिस के हाथों मारे जा चुके है। इसके साथ ही अपराध के कई मामलों में काफी त्वरित गति से खुलासे भी हो रहे हैं जिनकी बड़ी चर्चा जनता में भी हो रही है। अब अपराधियों पर एक्शन कल्याण सिंह सरकार की याद दिलाने लग गया है हालांकि अभी भी अपराध को नियंत्रण में करने के लिए योगी सरकार को काफी हद तक जूझना है लेकिन अब पुलिस बलो का हौसला बढ़ा है तथा पुलिसकर्मी सड़कों पर पैदल टहलते दिखलायी पड़ रहे हैं।
योगी सरकार में परिवर्तन व विकास की एक नयी गाथा लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलग अंदाज व तेवरों व उनके होमवर्क से अफसर हैरत में पड़ गये हैं। अब वहीं अफसर हड़ताल व अव्यवस्था फैलाने की साजिशें भी रच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिलकुल पीएम मोदी की कार्यशैली को ही अपनाकर काम कर रहे हैं।
सरकार ने भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए व पारदर्शी शासन देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले कर रही है जिसके कारण प्रदेश में अवैध खनन करने वाले लोग व टेंडर आदि में सेंटिग करने वाले लोग सकते में आ गये हैं तथा अब यह लोग भी प्रदेश मे अराजकता का वातावरण पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। अभी हाल ही में प्रदेश सरकार ने आॅनलाइन रजिस्ट्री कराने की व्यवस्था की तो लखनऊ के वकीलों ने हड़ताल कर दी जिसके कारण रजिस्ट्री पंजीकरण का काम ठप हो गया। जिसके कारण अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि सभी पक्षों से बात करने के बाद ही आनलाइन रजिस्ट्री प्रदेशभर मे लागू की जायेगी। योगी सरकार चुनावों में किये गये वादों को एक के बाद तेजी से पूरा करने के लिए तेजी से फैसले कर रही है।
प्रदेश सरकार किसानों की आय को तीन साल में दोगुना करने के लिए कृतसंकल्प है। इसके लिए गेहूं खरीद की योजना बनायी तथा उसके सफल क्रियान्वयन के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं की तैनाती भी की गयी। आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए कदम उठाया गया। 20 नये कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए जमीन, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान सहित अब सभी ग्राम पंचायतों में मिट्टी परीक्षण केद्र खोलने का भी एलान किया गया। सरकार ने अपना सबसे बड़ा कदम किसानों की कर्जमाफी को लेकर उठाया है 17 अगस्त 2017 को मुख्यमंत्री योगी की सरकार ने उप्र फसल ऋण मोचन की शुरूआत किसानों को चेक देकर की। कहीं -कहीं किसानों को राहत मिल रही तो कहीं -कहीं किसानों को धोखा मिलने की बातें भी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि कहीं- कहीं किसानोें को मात्र एक रूपये से लेकर नौ रूपये तक का कर्ज माफ हुआ। यह उनके साथ छलावा है लेकिन सरकार ने इन मामलों पर भी कड़ा रूख अपनाया है। प्रदेश सरकार ने बंद चीनी मिलों को फिर से खोलने की योजना बनायी है तथा सरकार का दावा है कि अगले दो महीनो में काफी नौकरियां भी प्रदेश के युवाओं को दी जायेंगी। प्रदेश सरकार ने युवाओं को राहत देेते हुए समूह ख, ग की भर्ती में इंटरव्यू को समाप्त कर दिया है। कम से कम पौने दो लाख पदों पर बंपर भर्तियों की तैयारी चल रही है। इसी प्रकर प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए भी कदम उठा रही है।
प्रदेश भाजपा सरकार ने बिजली के क्षेत्र में भी कई अहम कदम उठाये है। गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने की योजना का शुभारम्भ किया गया है। यह एक बेहद अहम योजना है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कैम्प लगाकर 58 हजार 596 बीपीएल परिवारोें व एपीएल परिवारों को सुगम संयोजन योजना के अंतर्गत 27 हजार 505 कनेक्शन दिये गये। प्रदेश सरकार ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने के लिए मुखबिर योजना शुरू की। प्रदेश सरकार की सभी योजाओं को आधार से लिंक किया जा रहा है जिससे भ्रष्टाचार पर प्रहार हो रहा है। प्रदेश सरकार ने मात्र छह माह में ही गाजियाबाद में कैलास मानसरोवर भवन का शिलान्यास करवाकर अपनी इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद प्रदेश में पर्यटन के विकास को एक नयी गति मिलने जा रही है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने जा रहा है। अयोध्या, मथुरा- काशी वृंदावन सहित उप्र में हिंदू धर्म के उपेक्षित पड़े तीर्थस्थलों का अब विकास होने जा रहा है। अयोध्या व मथुरा- वृंदावन को इसी कड़ी में नगर निगम का दर्जा दिया गया हैं । पहली बार प्रशासन में हिंदुत्व व विकास की बात की जा रही है। समानता के आधार पर विकास की बात की जा रही है। प्रदेश सरकार ने 2017 को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है । अभी तक सभी सरकारें लोहिया और अंबेडकर का केवल नाम पजा करतीं थी लेकिन प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय केी जन्मशती के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं तथा सरकार की योजनायें अंत्योदय अर्थात समाज के सबसे निचले स्तर के व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर ही है। समाजवादी सरकार की लगभग सभी वे योजनायें जिनमंें भ्रष्टाचार की गंध आ रही हैं बंद हो चुकी है तथा जांच के घेरे में है। आने वाले दिनों में प्रदेश में परिवर्तन की एक नयी धारा अवश्य दिखलायी पड़ेगी जब सभी घरो में बिजी के कनेक्शन पहुंच जायेंगे आर मदरसे आॅनलाइन हो जायेंगे। सरकार को कुछ समय तो देना ही पड़ेगा सारी व्यवस्था को दुरूस्त करने में क्योंकि पिछली सरकार सबकुछ लूअ कर ले गयी है। प्रदेश प्रशासन में भी कई।जगह अभी भी घोटालेबाजों का बोलबाला है जिन पर शिकंजा कसा जा रहा है। अफसरों व अपराधियों का गठजोड़ अभी भी अपनी शैतानियों से बाज नहीं आ रहा है जिन पर कार्यवाही चल रही है।







