डॉ दिलीप अग्निहोत्री
विकसित भारत में जन सूचना के अधिकार का भी योगदान सुनिश्चित होना चाहिए। सूचना के माध्यम से जन समस्याओं समाधान संभव है। विकास यात्रा में यह योगदान भी महत्वपूर्ण है। आरटीआई में जनकल्याण और पारदर्शिता की भावना समाहित है। इसके माध्यम से ग्रामीणों, निर्धनों की समस्या का समाधान होता है। इनको वांछित सूचना मिल जाने मात्र से इनकी समस्या का समाधान आसान हो जाता है।
भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की दिशा में प्रयास तेज हो चुके हैं. सरकार का प्रत्येक निर्णय लोक कल्याण व राष्ट्रीय हित के अनुरूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने दशकों से लंबित फैसलों को लागू किया। बीस लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के सहारे भारत की विकास यात्रा को नई गति मिली है तथा देश आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ा है।
डिजिटल लेनदेन में दुनिया को नई दिशा दिखाने का काम किया है। रिकॉर्ड सैटेलाइट प्रक्षेपित किये जा रहे हैं। रिकॉर्ड सड़कें बनाई जा हैं। दशकों से लंबित अनेक योजनाएं पूरी की गई हैं। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान लागू की गई।बिजली उत्पादन में चालीस प्रतिशत वृद्धि हुई। सोलर ऊर्जा में आठ गुना वृद्धि हुई। फसल बीमा योजना का लाभ पहले पचास प्रतिशत नुकसान पर मिलता था। अब किसान को तैतीस प्रतिशत पर भी मिल जाता है।
सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सीधे लोगों के खातों में पहुंच रहा है। हजारों स्टेशनों के आधुनिक होने पर भारतीय रेल की क्षमता बढ़ेगी और निवेश की एक बहुत बड़ी क्रांति आएगी। अब भारत अभूतपूर्व स्तर पर अभूतपूर्व गति से काम कर रहा है। छोटी-छोटी आकांक्षाओं से अलग होकर आज का भारत बड़े सपने देखने और उन सपनों को जल्द से जल्द साकार करने की ओर बढ़ चुका है। बजटीय आवंटन अधिक होने पर भी लीकेज से विकास बाधित होता है।इंडिया विजन में विकास और लोक कल्याण का समावेश है। भारत को विकसित बनाने का संकल्प है। संकल्प को सिद्ध करने की इच्छाशक्ति है।
भारत विकसित बनने की दिशा में अग्रसर है। इसकी कार्ययोजना पर कार्य प्रगति पर है। समग्र विकास में जन समस्याओं का समाधान, शासन प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता भी शामिल है। सूचना के अधिकार से इसको चरितार्थ किया जा रहा है।







