अमेरिका-इज़राइल ने 300+ लॉन्चर तबाह किए, ईरान में 1000+ मौतें; ट्रंप बोले- सफलता 10 में से 15, युद्ध हफ्तों चलेगा
नई दिल्ली : युद्ध में हाइपरसोनिक मिसाइलें अब भी चुनौती बन रही हैं मिसाइलों से तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है युद्ध की लपटें लगातार बढ़ती जा रही है और सबके बयानों के दावे अलग अलग हैं। बता दें कि फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ अमेरिका-इज़राइल का संयुक्त हमला अब पांचवें दिन (5 मार्च 2026) में और भयावह हो चुका है। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी और इज़राइली फोर्सेस ने ईरान के परमाणु, मिसाइल और कमांड सेंटर्स पर लगातार बमबारी की, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत टॉप लीडरशिप की हत्या हो चुकी है। ईरान में मौतों का आंकड़ा 1,000 से पार पहुंच गया, जबकि तेहरान और अन्य शहरों में आग और धुआं छाया हुआ है।

ईरान ने जवाबी हमलों में ‘फताह-2’ और ‘खैबर’ हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ तेल अवीव के पास गिरीं और आयरन डोम को चुनौती दी। हालांकि, IDF ने दावा किया कि 300 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं, जिससे ईरान की मिसाइल क्षमता में भारी गिरावट आई है। मिसाइल हमलों की संख्या तेजी से घटी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की सफलता को “10 में से 15” करार देते हुए कहा, “हम ईरान पर मिसाइलों और तबाही की बौछार करेंगे।” उन्होंने 4-5 हफ्तों का अनुमान लगाया, लेकिन ग्राउंड ट्रूप्स की संभावना से इनकार नहीं किया। अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत डुबोया, जबकि NATO ने तुर्की की ओर जा रही मिसाइल को मार गिराया। इज़राइल ने लेबनान में ग्राउंड ट्रूप्स उतारे और हिजबुल्लाह पर हमले तेज किए।
बता दें कि वैश्विक प्रभाव गहरा रहा है और तेल कीमतें आसमान छू रही हैं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा बढ़ा, और कई देश नागरिकों को निकाल रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और गल्फ देशों पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए, जिसमें दुबई के यूएस कांसुलेट पर भी निशाना साधा गया। ट्रंप ने अमेरिकियों को मध्य पूर्व छोड़ने की सलाह दी, जबकि 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। उधर ईरान ने दावा है कि ईरान ने सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास को ईरानी मिसाइलों से उड़ा दिया है। जिसका विडियो वायरल है।
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ईरान में पावर वैक्यूम है, नया लीडर चुनने की प्रक्रिया चल रही है। दोनों पक्ष मजबूत हैं, लेकिन शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही – युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है।






