- CENTCOM ने 38 जहाज रोके; तेहरान ने जवाबी कदम और शांति प्रस्ताव दिए
- हॉर्मुज पर अमेरिकी दबाव: 38 ईरानी जहाज रोके गए
नई दिल्ली : अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्टेट ऑफ हॉर्मुज की नाकाबंदी जारी रखते हुए ईरान के जल क्षेत्र में आने-जाने वाले 38 जहाजों को रोका है। CENTCOM के आधिकारिक बयान के अनुसार, ये जहाज ईरानी बंदरगाहों से जुड़े थे और अमेरिकी नौसेना लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है।
नाकाबंदी का मकसद ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है, जबकि एक तरफ शांति वार्ता की कोशिशें भी चल रही हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले गैर-ईरानी जहाजों की आजादी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ईरान को मिले अमेरिकी हथियार: unexploded मिसाइलें और बम रिवर्स इंजीनियरिंग के लिए
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दक्षिणी प्रांत हरमोजगान (बंदर अब्बास) और जंजान में अमेरिकी हमलों से बचे हजारों unexploded हथियार बरामद किए हैं। इनमें 15 से ज्यादा भारी अमेरिकी मिसाइलें, GBU बंकर बस्टर बम और 9,500 से अधिक छोटे बम (क्लस्टर bomblets) शामिल हैं जिनमें विस्फोट नहीं हुआ।
ईरानी सरकारी मीडिया (प्रेस टीवी) के मुताबिक, इन हथियारों को निष्क्रिय कर तकनीकी और रिसर्च यूनिट्स को भेज दिया गया है, जहां वैज्ञानिक रिवर्स इंजीनियरिंग कर इनकी उन्नत तकनीक समझने और नकल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह ईरान के लिए एक बड़ी सैन्य-तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है।
रूस का समर्थन: “ईरान को सैन्य धमकियों से नहीं डराया जा सकता”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची रूस दौरे पर मॉस्को पहुंचे हैं। इसी दौरान रूस ने साफ कहा कि ईरान पर सैन्य ताकत दिखाकर या ब्लैकमेल करके दबाव नहीं बनाया जा सकता। रूसी अधिकारी ने कहा — “सैन्य धमकियां और कड़े प्रतिबंध ब्लैकमेलिंग हैं, लेकिन ईरान पर यह काम नहीं करेगी। अमेरिका को समझौते के लिए अपना रुख नरम करना चाहिए।”
अमेरिका में महंगाई का कहर: ट्रंप को वोट देकर पछतावा?
अमेरिकी नागरिक बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। पेट्रोल, किराना, बिजली और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में तेज उछाल आया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ट्रंप के नए टैरिफ और पश्चिम एशिया (ईरान) युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।
कई अमेरिकी अब महसूस कर रहे हैं कि “चिड़िया गई खेत चुग” वाली स्थिति बन गई है उनका कहना है कि जब राहत मिलने लगी थी, तभी नई मुश्किलें आ खड़ी हुईं। इससे उपभोक्ता खर्च और आर्थिक विकास दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
ईरान का दो चरणीय शांति प्रस्ताव
ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को दो चरणीय प्रस्ताव भेजा है। पहले चरण में हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलना और क्षेत्रीय युद्ध समाप्त करने की मांग है। परमाणु मुद्दे पर बातचीत को दूसरे चरण में रखा गया है। अमेरिकी मीडिया (Axios) के अनुसार, तेहरान चाहता है कि नाकाबंदी हटे और शांति स्थापित होने के बाद ही परमाणु वार्ता शुरू हो।
हॉर्मुज पर नाकाबंदी और सैन्य दबाव के बावजूद ईरान रिवर्स इंजीनियरिंग से अपनी क्षमता बढ़ाने और कूटनीतिक मोर्चे पर रूस-पाकिस्तान समर्थन के साथ जवाब दे रहा है। अमेरिका में आर्थिक असर बढ़ रहा है, जबकि दोनों पक्ष अभी भी अप्रत्यक्ष वार्ता के रास्ते तलाश रहे हैं। स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।







