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    बांधवगढ़: सुबह की सफारी का रोमांच और बाघ से एक अप्रत्याशित मुलाकात part- 2

    ShagunBy ShagunSeptember 1, 2025 फेसबुक वॉल से No Comments5 Mins Read
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    बांधवगढ़ का रोमांच: अनुराग प्रकाश

    पहले दिन की सफारी के रोमांच ने मेरे मन को पूरी तरह जंगलमय कर दिया था। तीन बाघों की झलक, बांधवगढ़ की हरियाली, और उस बाघिन की शाही चाल ये सब मेरे सपनों में रातभर घूमते रहे। सुबह की सफारी का इंतजार मेरे लिए किसी बच्चे की तरह था, जो सुबह जल्दी उठकर अपने पसंदीदा खेल के लिए बेताब हो।

    सुबह का वक्त था, कोहरा जंगल को रहस्यमयी चादर में लपेटे हुए था। ठंडी हवा मेरे चेहरे को छू रही थी, और जंगल की सौंधी खुशबू मेरे दिल को और बेकरार कर रही थी। मैंने गर्म चाय का एक घूंट लिया, अपनी जैकेट कसकर पहनी, और जिप्सी की ओर बढ़ गया। गाइड और ड्राइवर पहले से तैयार थे, उनकी आँखों में वही चमक थी, जो जंगल के प्रति उनके जुनून को दर्शाती थी।

    https://shagunnewsindia.com/facing-a-lion-in-the-jungle-of-bandhavgarh/

    जंगल में सुबह का जादू

    जंगल के गेट से जैसे ही हम अंदर दाखिल हुए, एक अलग ही दुनिया शुरू हो गई। कोहरे के बीच सूरज की किरणें पेड़ों की पत्तियों से छनकर जमीन पर बिखर रही थीं, मानो जंगल ने सुनहरी चादर ओढ़ रखी हो। पक्षियों की चहचहाहट और दूर कहीं से आती हिरनों की पुकार ने माहौल को और जादुई बना दिया। मैंने गाइड से पूछा, “आज क्या खास दिखेगा?” उसने मुस्कुराते हुए कहा, “जंगल की माया है, कुछ भी हो सकता है। बस आँखें और कान खुले रखो।”

    पहले आधे घंटे तक हम जंगल के घने रास्तों से गुजरते रहे। रास्ते में चीतल, सांभर, और जंगली सुअर दिखे, जो सुबह की ताजगी में चर रहे थे। अचानक, गाइड ने जिप्सी रोक दी और इशारा किया। पास के एक तालाब के किनारे कुछ हलचल थी। मेरी नजरें वहाँ टिक गईं। तालाब के किनारे, कोहरे की परत के बीच, एक विशाल बाघ बैठा था। उसकी पीली-काली धारियाँ कोहरे में चमक रही थीं, और वो शांति से पानी पी रहा था।

    गाइड ने धीमी आवाज में बताया, “ये मोहन है, सीता का बेटा।”मेरे दिल की धड़कनें तेज हो गईं। मोहन की हर हरकत में एक शाही ठसक थी। वो धीरे-धीरे उठा, अपनी पूंछ हिलाई, और फिर जंगल की ओर बढ़ गया। हमारी जिप्सी धीरे-धीरे उसके पीछे चली, लेकिन गाइड ने सावधानी बरतने को कहा। “मोहन शांत है, लेकिन जंगल में कुछ भी हो सकता है,” उसने चेतावनी दी। उस पल में मुझे बांधवगढ़ की असली ताकत का अहसास हुआ, यहाँ इंसान मेहमान है, और जंगल का असली मालिक बाघ।

    बाघ से एक अप्रत्याशित मुलाकात

    थोड़ा आगे बढ़े, तो जंगल का एक और नजारा मेरे सामने खुला। एक खुला मैदान था, जहाँ घास के बीच से एक मादा हिरन और उसका बच्चा तेजी से भागते दिखे। गाइड ने तुरंत जिप्सी की रफ्तार धीमी कर दी। “कुछ बड़ा शिकारी आसपास है,” उसने फुसफुसाते हुए कहा। और तभी, झाड़ियों के बीच से एक जोरदार दहाड़ गूँजी। मेरी साँसें थम गईं। कुछ ही पलों में, एक और बाघ सामने आया। ये कोई साधारण बाघ नहीं था। इसकी काया, उसकी चाल, और उसकी आँखों की चमक बता रही थी कि ये जंगल का कोई बड़ा खिलाड़ी है।

    गाइड ने उत्साह से कहा, “ये बंसी है, मोहन का भाई।” बंसी ने हमें एक नजर देखा, और फिर अपनी राह पर चल दिया, मानो हमारी मौजूदगी से उसे कोई फर्क ही न पड़ा हो। उसकी वो बेफिक्री, वो आत्मविश्वास -मैं आज भी उस पल को नहीं भूल सकता।

    बांधवगढ़ का एक और किस्सा: भूतहा गुफा की कहानी

    सफारी के दौरान, जब हम एक छोटे से ब्रेक के लिए रुके, गाइड ने हमें बांधवगढ़ की एक रहस्यमयी कहानी सुनाई। जंगल में एक प्राचीन गुफा है, जिसे स्थानीय लोग “भूतहा गुफा” कहते हैं। कहा जाता है कि कई साल पहले, एक बाघिन और उसके बच्चों ने उस गुफा को अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन एक रात, जंगल में भयानक तूफान आया, और गुफा का एक हिस्सा ढह गया। उस बाघिन और उसके बच्चों का कुछ पता नहीं चला। तब से, स्थानीय गाइड और जंगल के कर्मचारी बताते हैं कि कभी-कभी रात के सन्नाटे में उस गुफा के पास से बाघिन की दहाड़ और बच्चों की आवाजें सुनाई देती हैं।

    कुछ टूरिस्टों ने तो दावा किया कि उन्होंने गुफा के पास कोहरे में एक बाघिन की आकृति देखी, जो पलक झपकते गायब हो गई। गाइड ने हँसते हुए कहा, “हम तो जंगल के लोग हैं, हमें इन बातों की आदत है। लेकिन सैलानी इसे सुनकर डर भी जाते हैं और उत्साहित भी होते हैं!” ये कहानी सुनकर मेरे मन में जंगल के प्रति और रहस्यमयी आकर्षण बढ़ गया। बांधवगढ़ सिर्फ बाघों का घर नहीं, बल्कि अनसुलझे रहस्यों और कहानियों का खजाना भी है।

    सफारी का अंत और यादेंसुबह की सफारी में मोहन और बंसी के दर्शन ने मेरे मन को पूरी तरह जीत लिया। जंगल के रास्ते, तालाब, और पेड़ों की छांव में बिताए वो पल मेरे लिए किसी खजाने से कम नहीं थे। कैंप लौटते वक्त मैंने सोचा, बांधवगढ़ ने मुझे सिर्फ बाघों की झलक नहीं दी, बल्कि प्रकृति की ताकत, उसका सौंदर्य, और उसका रहस्य मेरे दिल में बसा दिया।

    Shagun

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