विनाश की राजनीति करते रहे अखिलेश इसलिए भाजपा का विकास भी उन्हें दिख रहा विनाश

0
319

भाजपा प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने अखिलेश यादव के बयान “ विकास को विनाश में बदलना ही भाजपा का काम है।” पर दी प्रतिक्रिया

विनाश की राजनीति करने वाले अखिलेश यादव को विनाश के अलावा कुछ नहीं दिखता। इस कारण भाजपा का चतुर्मुखी विकास भी विनाश दिख रहा है। इसका कारण है, उन्होंने अपने पूरे शासन काल में विनाश की राजनीति की। सत्ता में रहते हुए भी प्रदेश के हर वर्ग में झगड़ा लगाने, तुच्छ स्वार्थ के लिए वर्ग विशेष के साथ पक्षपात कर उसे भड़काने का काम अखिलेश यादव करते रहे हैं। प्रतापगढ़ में पुलिस अधिकारी की मौत के बाद एक मंत्री को बचाने के लिए हद की सारी सीमाएं लांघ जाने वाले अखिलेश यादव की सत्ता से बेदखल हो जाने की तिलमिलाहट उजागर हो रही है। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने शनिवार को कही।

वे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के शुक्रवार को दिये गये बयान “ विकास को विनाश में बदलना ही भाजपा का काम है।” पर शनिवार को प्रतिक्रिया दे रहे थे। चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि आज बिजली, शिक्षा व्यवस्था में लोगों के उम्मीद से भी ज्यादा सुधार हुआ है। परिषदीय विद्यालयों में पहले सिर्फ मध्याह्न भोजन के लिए बच्चे जाते थे, जबकि आज परिषदीय विद्यालयों के बच्चे प्राइवेट विद्यालयों से भी ज्यादा तेज दिख रहे हैं। वहां पठन-पाठन का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि सपा के शासन काल में यदि गांवों में ट्रांसफार्मर जल जाता था तो लोग आपस में चंदा इकट्‌ठा कर बिजली विभाग का जेब भरते थे, इसके बाद महीनों बाद ट्रांसफार्मर लगता था। अब स्थिति यह है कि बिजली विभाग 24 घंटे के भीतर खुद अपनी गाड़ी से ट्रांसफार्मर लाकर लगाता है।

चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि प्रदेश में सड़कों का जाल बिछ चुका है। किसानों की आमदनी बढ़ चुकी है। उद्यान विभाग और कृषि विभाग दलालों का अड्‌डा बन चुका था। वहां आज किसान खुद जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारी व कर्मचारी खुद गांवों में जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बार-बार अखिलेश यादव का यह बयान कि हमारे कामों का शिलान्यास भाजपा कर रही है। बेतुका बयान है। अखिलेश यादव ने कोई भी काम पूरा नहीं किया और न ही बजट जारी किया। ऐसे में जनहित के कामों को ध्यान में रखकर भाजपा उसे पूरा कर रही है। यह तो अखिलेश यादव को सोचना चाहिए कि आखिर वे कामों को पूरा क्यों नहीं कर पाये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here