इस खेल में हाल ही में एक महिला गुरु का नाम भी सामने आया था। रूप धरकर अधिकतर पुरुष भक्तों के साथ फिल्मी गानों पर नाचने वाली यह मां आज भी सैकड़ों के दिल में राज करती है। इस पूरे मायाजाल को तोड़ने के लिए इन बाबाओं के चढ़ावे का खुलासा जरूरी है। आखिर इनके अकाउंट इतने रहस्यमयी क्यों होते हैं।
हमारे देश के मंदिरों-मठों और गुरु गद्दियों में बैठे बाबाओं को पतित और आराजक बनाने में गरीब भक्तों की भूमिका नहीं है। ये लोग सिर्फ प्रभावित लोग हैं। ये बाबा नेताओं, उद्योगपतियों, बिल्डरों, बड़े अभिनेताओं और बदमाशों की काली कमाई की देन हैं। यह जो हर साल बोरियों काला धन ये बाबा सफेद करते हैं, इसकी कीमत ही इन्हें ऐय्याश धनपशु बना देती है। गलत रास्तों से आया पैसा इन्हें अराजक और हवसी बना देता है। यह इसी पैसे के दम पर अपने ही जैसे बलात्कारी और गुंडो की फौज तैयार करता है।
महलों से भी ज्यादा खूबसूरत इनके आश्रम, आश्रमों में अय्याशी के सारे इंतजाम, मॉल, स्वीमिंग पूल, रेस्तरां बनाकर वैभवपूर्ण जीवन जीने वाले ये आधुनिक संत इसी चमक धमक को चमत्कार बताकर गरीब जनता को बेवकूफ बनाते हैं। आसाराम बापू के लंबे समय तक भक्त रहे एक व्यक्ति ने बातचीत में जो बताया उसके अनुसार सबसे पहले तो ये बाबा नाम धारण करने आए लोगों को संचार माध्यमों से काटते हैं। यह कहते हैं कि न्यूज चैनल और अखबार नकारात्मकता फैलाते हैं, इन्हें पढ़ना बंद करो। मीडिया सत्य सनातन हिंदू धर्म विरोधी है। ये मिशनरियों को बिकी है। इसके लिए यह बाकायदा किताबें और फिल्म तैयार कराते हैं। फिर दूसरी बात यह बताते हैं कि जब कोई दिक्कत हो, मेरा चेहरा याद करना तो काम हो जाएगा।
आम जिन्दगी में छोटे-मोटे काम तो वैसे भी थोड़ा प्रयास करने पर सही हो जाते हैं। जैसे कि बच्चे की तबीयत ठीक होना, बेटी की शादी ठीक से निपट जाना, पति-पत्नी में सुलह हो जाना, नशा छूट जाना…लेकिन यह बेशर्म इसका क्रेडिट लेने से बाज नहीं आते। रोजमर्रा की इन्हीं बातों में सिद्धि के बाद ये भक्त इन्हें भगवान कहने लगते हैं। इसका यह कभी विरोध नहीं करते। इसके उलट कभी अपने गले में सांप लपेटकर, कभी तमाम ऊटपटांग कपड़े पहनकर, अलग-अलग रूप धरकर उन्हें बेवकूफ बनाते हैं। हमारे देश में गुरु परंपरा रही है, भगवान को भगवान गुरु ने बनाया, राम-कृष्ण के भी गुरु थे…ब्ला ब्ला… बातें करके ये धीरे-धीरे दिमाग पर कब्जा करते जाते हैं। इस पूरे खेल में इन अय्याशों की नजर किसी की पत्नी, किसी की बेटी किसी की बहू या किसी की पोती पर खराब हो जाती है। इन्हें पता होता है कि भगवान के नाम पर अंधे हो गए लोग मेरा कमीनापन भांप ही नहीं पाएंगे। नामधारियों से उचित दूरी बनाने वाला यह भगवान रूपी हैवान अचानक उन पर उदार हो जाता है। कुछ ही दिन में इसका चक्रव्यूह तैयार होता है और यह अपना बेहूदा खेल खेलने में कामयाब हो जाते हैं। बाबा की शिकार ज्यादातर महिलाएं समाज और बाबा के डर से सामने नहीं आ पातीं। इस तरह इनका गेम चलता रहता है।
इस खेल में हाल ही में एक महिला गुरु का नाम भी सामने आया था। रूप धरकर अधिकतर पुरुष भक्तों के साथ फिल्मी गानों पर नाचने वाली यह मां आज भी सैकड़ों के दिल में राज करती है। इस पूरे मायाजाल को तोड़ने के लिए इन बाबाओं के चढ़ावे का खुलासा जरूरी है। आखिर इनके अकाउंट इतने रहस्यमयी क्यों होते हैं। मेरी तो नाराजगी हाल ही में यमुना खादर की कृषियोग्य उपजाऊ जमीन का नाश करने वाले से भी बहुत ज्यादा है। इन सबकी आर्ट ऑफ टेकिंग मनी का जाल तोड़ना बहुत जरूरी है। आम नागरिक के तौर पर हम सबको इनके पैसे का हिसाब मांगना शुरू कर देना चाहिए। बड़े आंदोलन के बाद ही इन देशद्रोहियों का जाल टूटेगा।
एम एम दिल्ली






