सुमन सिंह
क्या आपने हालिया दिनों में किसी भारतीय कलाकार द्वारा होली जैसे विषय पर बनायीं गयी कोई पेंटिंग देखी है ? बंगाल स्कूल के कलाकारों के अलावा हुसैन एक मात्र ऐसे बड़े नाम हैं जिन्होंने भारतीय त्योहारों को अपनी पेंटिंग के विषय के रूप में प्राथमिकता दी। हुसैन के अलावा उनके अन्य समकालीनों ने किन कारणों से भारतीय विषयों के प्रति अरुचि दिखाई कहा नहीं जा सकता है। लेकिन उनके बाद वाली पीढ़ी ने भी इस तरह के विषयों के प्रति कोई खास रूचि नहीं दिखाई, यह भी एक सच है। हालाँकि हमारे लोक कला की दुनिया में देखें तो भारतीय जन-जीवन कहीं ज्यादा प्रमुखता से मुखरित है।यहाँ होली, दीपावली और दुर्गापूजा से लेकर स्थानीय देवी- देवताओं और अन्य देशज त्योहारों के लिए भी पर्याप्त जगह है। बहरहाल यहाँ संलग्न है अमरीका में रह रही रूस की एक कलाकार द्वारा बनाया गया एक चित्र, जिसका शीर्षक है – होली : डेकोरेटेड इंडियन एलीफैंट। Title : Holi.Decorated Indian Elephant (2018)
इस कलाकार के बारे में सोशल मिडिया से जो जानकारी मिल पायी वह यह है – ज़ायरा झाउबेवा (Zaira Dzhaubaeva ) का जन्म रूस के एक ऐसे परिवार में हुआ जो अपनी मातृभूमि के लिए कलात्मक और साहित्यिक योगदान के लिए प्रसिद्ध था। उनके माता-पिता ने कम उम्र से ही अपनी बेटी को रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्टावरोपोल स्टेट यूनिवर्सिटी में अध्ययन किया। वहाँ उसने इतिहास और सामाजिक विज्ञान में डिग्री हासिल की। स्नातक होने के बाद उसने “कराचय-चर्केसिया” स्टेट ब्रॉडकास्टिंग कंपनी में काम करना शुरू किया। ज़ायरा ने पेंटिंग और ड्राइंग के लिए एक आजीवन जुनून विकसित किया, जिसके लिए उन्होंने विशेष रूप से खुद को समर्पित किया जब उन्होंने टेलीविजन कंपनी के मुख्य निदेशक के रूप में अपना पद छोड़ दिया।ज़ायरा जल रंग माध्यम की चित्रकार हैं, जिन्हें फूलों और जानवरों की दुनिया विशेष आकर्षित करती है। उनकी कृतियों ने दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। संयुक्त राज्य अमेरिका समेत रूस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, ग्रीस, मैक्सिको, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन और अन्य देशों में उनकी कृतियां संग्रहित हैं। वैसे ज़ायरा इन दिनों अमेरिका में रहकर अपना कलाकर्म कर रहीं हैं। – ब्लॉग से साभार







