Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, September 10
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इतिहास के आईने से

    वीरांगना रानी दुर्गावती: साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा

    ShagunBy ShagunOctober 6, 2025 इतिहास के आईने से No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    वीरांगना रानी दुर्गावती: साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा
    वीरांगना रानी दुर्गावती: साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 6,227

    वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपनी छोटी सी सेना के साथ विशाल मुगल सेना का डटकर मुकाबला किया। एक अवसर पर, जब उनकी सेना घेर ली गई थी, रानी ने अपने विश्वस्त घोड़े ‘सरमन’ पर सवार होकर युद्धभूमि में प्रवेश किया। तीरों की बौछार के बीच, उन्होंने अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया और स्वयं तलवार लेकर शत्रुओं पर टूट पड़ीं।

    बचपन से ही असाधारण बुद्धि : 5 अक्टूबर 1524 को दुर्गाष्टमी के पवित्र दिन उत्तर प्रदेश के कालिंजर किले में चंदेल राजवंश के राजा कीर्ति सिंह की पुत्री के रूप में रानी दुर्गावती का जन्म हुआ। उनके नाम में ही उनके व्यक्तित्व की झलक थी, दुर्गावती, अर्थात् शक्ति और साहस की प्रतीक। बचपन से ही उनमें असाधारण बुद्धिमत्ता, साहस और नेतृत्व के गुण दिखाई देने लगे। परंपरागत राजकन्या की शिक्षा के साथ-साथ उन्हें युद्धकला, शस्त्र संचालन, घुड़सवारी और शासन प्रबंधन में निपुण बनाया गया। उस युग में, जब महिलाओं को युद्ध और शासन से दूर रखा जाता था, दुर्गावती ने रूढ़ियों को तोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनके पिता ने उन्हें स्वतंत्रता और साहस के साथ पाला, जिसने उन्हें न केवल अपने परिवार, बल्कि अपने राज्य और प्रजा के प्रति समर्पित योद्धा और शासक बनाया।

    गोंडवाना की रानी और शासक

    गोंडवाना के राजा दलपत शाह से विवाह के बाद रानी दुर्गावती ने इस समृद्ध और रणनीतिक राज्य की बागडोर संभाली। गोंडवाना, जो वर्तमान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में फैला था, अपनी प्राकृतिक संपदा और सामरिक महत्व के कारण कई साम्राज्यों की नजरों में था। दलपत शाह की असामयिक मृत्यु के बाद, रानी ने अपने नाबालिग पुत्र वीर नारायण के संरक्षक के रूप में शासन की कमान संभाली। एक महिला शासक के रूप में उन्होंने न केवल राज्य की रक्षा की, बल्कि इसे समृद्ध, संगठित और न्यायपूर्ण बनाया। उनकी नीतियाँ प्रजा-केंद्रित थीं, जिनमें शिक्षा, व्यापार और सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। सभी को समानता और न्याय प्राप्त था, जो उस युग के लिए क्रांतिकारी था।

    वीरांगना रानी दुर्गावती: साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा
    वीरांगना रानी दुर्गावती: साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा

    मुगल साम्राज्य के खिलाफ अदम्य साहस

    रानी दुर्गावती की वीरता का सबसे प्रखर प्रमाण सन् 1564 में मुगल साम्राज्य के खिलाफ उनकी लड़ाई है। जब सम्राट अकबर का साम्राज्य अपनी चरम शक्ति पर था, गोंडवाना उनकी नजरों में था। रानी ने इस खतरे को भाँपकर अपने राज्य की रक्षा के लिए कड़ा संकल्प लिया। उन्होंने अपनी सेना को संगठित किया, रणनीतियाँ बनाईं और स्वयं युद्धभूमि में उतरीं। मुगल सेनापति आसफ खान के नेतृत्व में विशाल सेना के सामने रानी ने अपने पुत्र वीर नारायण, सेनापतियों और प्रजा के साथ मिलकर अदम्य साहस दिखाया। उनकी तीक्ष्ण युद्ध रणनीति और अटल संकल्प ने मुगल सेना को बार-बार पीछे हटने पर मजबूर किया।

    साहस से स्वाभिमान की रक्षा

    युद्ध के मैदान में, घायल होने के बावजूद रानी ने हार नहीं मानी। जब विजय की संभावना क्षीण हो गई, तब भी उन्होंने अपने सम्मान और गोंडवाना की स्वतंत्रता को सर्वोपरि रखा। स्वयं अपने प्राणों की आहुति देकर उन्होंने न केवल अपने स्वाभिमान की रक्षा की, बल्कि प्रजा और देश के प्रति अपनी निष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। यह बलिदान केवल युद्ध का परिणाम नहीं, बल्कि साहस, सम्मान और प्रेम की अमर कहानी है।

    एक साहसी कहानी: रानी का युद्ध और नेतृत्व

    रानी दुर्गावती की एक प्रेरक कहानी उनके अंतिम युद्ध से जुड़ी है। जब मुगल सेना ने गोंडवाना पर आक्रमण किया, रानी ने अपनी छोटी सी सेना के साथ विशाल मुगल सेना का डटकर मुकाबला किया। एक अवसर पर, जब उनकी सेना घेर ली गई थी, रानी ने अपने विश्वस्त घोड़े ‘सरमन’ पर सवार होकर युद्धभूमि में प्रवेश किया। तीरों की बौछार के बीच, उन्होंने अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया और स्वयं तलवार लेकर शत्रुओं पर टूट पड़ीं। घायल होने के बाद भी उनकी आँखों में हार का कोई भाव नहीं था। जब उनके सेनापति ने आत्मसमर्पण की सलाह दी, रानी ने कहा, “मैं गोंडवाना की रानी हूँ, मेरा धर्म है मेरी प्रजा और मेरी मातृभूमि की रक्षा करना।” अंत में, अपने सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने स्वयं अपनी तलवार से जीवन समाप्त कर लिया, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं किया।

    प्रेरणा और विरासत

    रानी दुर्गावती केवल एक योद्धा नहीं थीं; वे एक दूरदर्शी शासक, ममतामयी माँ और समाज सुधारक थीं। उनकी गाथा आज भी हमें सिखाती है कि साहस, निष्ठा और स्वाभिमान के सामने कोई शक्ति नहीं टिक सकती। उनकी जयंती, 5 अक्टूबर, हमें उनके आदर्शों को अपनाने और अपने कर्तव्यों के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देती है। रानी दुर्गावती की कहानी भारतीय इतिहास की वह अमर गाथा है, जो हर पीढ़ी को साहस और बलिदान का पाठ पढ़ाती है। – प्रस्तुति : नीतू सिंह 

    Shagun

    Keep Reading

    A Scorpio on the roof! Thieves were stunned and the whole country had a laugh at this *jugaad* (ingenious hack) by a man from Gopalganj, Bihar.

    चोरों से बचाने को छत पर चढ़वा दी स्कॉर्पियो! इस बिहारी का जुगाड़ देखकर चोर भी हैरान, देश भी हंस पड़ा

    'Take 5 lakhs, just save my brother...' Kanwariya swept away by the Ganga's strong current; brother stood on the bank, pleading desperately.

    ‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’ गंगा की तेज धार में बह गया कांवड़िया, किनारे खड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा

    Iron rod pierces 3-year-old Kartik’s head; private hospital demanded ₹15 lakh... KGMU doctor saved his life for just ₹25,000.

    3 साल के कार्तिक के सिर में घुसी लोहे की रॉड, निजी अस्पताल ने मांगे 15 लाख… KGMU के डॉक्टर ने सिर्फ 25 हजार में बचाई जान

    Lost a leg, but not the spirit! Undertaking the Kanwar Yatra with a prosthetic leg.

    एक पैर गंवाया, हौसला नहीं! कृत्रिम पैर से कर रहे हैं कांवड़ यात्रा

    Voyager's Discovery and the Cosmic Shivling

    वॉयेजर की खोज और ब्रह्मांडीय शिवलिंग

    Husband unable to bear the shock of wife's death; collapses and dies while applying vermilion.

    पत्नी की मौत का सदमा सहे न सका पति, सिंदूर भरते हुए तोड़ा दम

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Bhabhi Dayan Hai!': Teaser builds anticipation; set to hit theaters on the occasion of Dussehra, October 16, 2026.

    ‘भाभी डायन है!’: टीज़र ने बढ़ाई उत्सुकता; 16 अक्टूबर 2026 को दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    September 10, 2026
    The future belongs to clean, green, and sustainable energy: A. K. Sharma

    आने वाला समय स्वच्छ, हरित व टिकाऊ ऊर्जा का: ए. के. शर्मा

    September 10, 2026
    Axis Bank to accelerate Uttar Pradesh's development; launches ‘Sparsh Week 2026’ from Lucknow.

    उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देगा एक्सिस बैंक, लखनऊ से की ‘स्पर्श वीक 2026’ की शुरुआत

    September 10, 2026

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    September 10, 2026

    सर्फ पार्क अर्थव्यवस्था में एक नई ताकत

    September 9, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading