हमारे देश में ऐसी कई धार्मिक जगह है। जहाँ पहुंच कर बहुत ही ख़ास अनुभूति होती है चाहे वह जितनी मुश्किल भरी ही क्यों न हो! लेकिन लोग ईश्वर की अनुभूति के लिए हर मुश्किल यात्रा करने के लिए हर घडी तैयार रहए हैं। इस यात्रा को करने के लिए श्रद्धलु दूर-दूर से आते हैं कुछ धार्मिक स्थल की यात्रा तो इतनी मुश्किल होती है कि वहां जाना किसी खतरे से खाली नहीं लगता मगर फिर भी हर साल लाखों श्रद्धालु भारत के इन मुश्किल धार्मिक स्थल की यात्रा करने के लिए मरते हैं फिर चाहे मंदिर पहुंचने में कितनी भी परेशानी का सामना क्यों ना करना पड़े लेकिन वह अपने स्थान को जरूर पहुंचते हैं तो आइये जानते हैं वो कौन कौन सी यात्रा हैं –
अमरनाथ यात्रा:
जम्मू कश्मीर में स्थित अमरनाथ यात्रा की दुनिया में सबसे मुश्किल भरी मानी जाती है संकरे पहाड़ों और ऊँचे नीचे दर्रों से होकर गुजरती पतली पगडण्डी जैसी सड़क यात्रा को बेहद कठिन बनाती है उस पर से बारिश में भूस्खलन और पल पल बदलते मौसम से यात्रा कठिन हो जाती है। यहां जाने के लिए पर्यटक को पहले ही रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इसके अलावा इस धार्मिक स्थल पर जाने वाले हर पर्यटक की मेडिकल जांच भी की जाती है बर्फ से घिरे इस धार्मिक स्थल की यात्रा किसी जन्नत से कम नहीं लगती।
कैलाश मानसरोवर यात्रा
48 किलोमीटर तक फैले इस कैलाश पर्वत मानसरोवर की यात्रा को दुनिया की दूसरी सबसे कठिन यात्रा के रूप में माना जाता है। यहां जाने वाला रास्ता चीन से होकर गुजरता है। 28 दिन की इस यात्रा में हिंदुओं के अलावा जैन और तिब्बती भी दर्शन के लिए आते हैं।
पावागढ़ महाकाली मंदिर
गुजरात के चंपारण जगह पर स्थित महाकाली मंदिर पर जाने के लिए आपको 50 किलोमीटर तक ऊंची पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है। जोकि घने जंगलों से होकर गुजरता है। इस मंदिर की चढ़ाई काफी खतरनाक मानी जाती है लेकिन अब यहां पर्यटकों को रोकने की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है।
बद्रीनाथ मंदिर
उत्तराखंड में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित बद्रीनाथ मंदिर नदी के किनारे पर स्थित है। दो पर्वतों के बीच में बने इस मंदिर का रास्ता भी बेहद खतरनाक माना जाता है। इस यात्रा को पूरा करने के लिए यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन वहां पहुंचकर एक अद्भुत अहसास होता है।
वैष्णो देवी मंदिर
जम्मू कश्मीर के कटरा जिले में स्थित इस मंदिर की यात्रा भी सबसे मुश्किल मानी जाती है। कटरा से करीब 14 किलोमीटर तक की ऊंची चढ़ाई के बाद मां का मंदिर आता है। 5200 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक जाने के लिए कई बार पर्यटक हेलीकॉप्टर का सहारा लेते हैं।
हेमकुंड साहिब
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित हेमकुंड साहिब के इस धार्मिक स्थल की यात्रा को भी काफी मुश्किल माना जाता है यहां तक जाने के लिए आपको 19 किलोमीटर की खतरनाक लड़ाई लड़नी पड़ती है। इस यात्रा के दौरान भी पर्यटकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।







