अब श्याम प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तोड़ी गयी

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कोलकाता के टॉलीगंज के केवडॉतल्ला में अभी सुबह 8 बजे श्याम प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को तोड़ा गया, उस पर कालिख मली गयी। देश में सबसे कम उम्र के कुलपति(वह भी अंग्रेज सरकार द्वारा नियुक्त), नेहरू मंत्री मंडल के सदस्य और जनसंघ के संस्थापक पँ मुखर्जी की प्रतिमा ध्वस्त करने वालों ने पोस्टर छोड़ कर इसे लेनिन प्रतिमा ध्वस्तीकरण का बदला कहा। यह एक घटिया, टकराववाली और वैचारिक कंगाली की सोच है। इसका पुरजोर विरोध।

यह कुकृत्य करने वाले जाधवपुर यूनिवर्सिटी के छह छात्र है जिनमे एक लड़की भी है। इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और त्रिपुरा की तरहः जमानत पर नहीं छोड़ा है।

इस मामले में छि टीवी ने गन्दा खेल शुरू कर दिया है। वह प्रचारित कर रहा है कि मुखर्जी की प्रतिमा तोड़ने वाले नक्सली आतंकी है। जब त्रिपुरा में बवाल हुआ तो उसे संघी कार्यवाही कहा नहीं, उसे जनाक्रोश कहा और अब खुद ही सिपाही वकील अदालत बन किसी की छुद्र प्रतिक्रिया को नक्सली कह रहा है।


कुछ लोग देश को सीरिया बना कर ही छोड़ेंगे। फिलहाल किसी भी तरहः से इस तरह की हरकतों को जस्टिफाई न करें।

.पंकज चतुर्वेदी की वॉल से