Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, March 7
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    Shagun News India
    Home»ज़रा हटके

    घाघ और भड्डरी की प्रचलित कहावतें आज भी प्रासंगिक हैं – पहिले जागै पहिले सौवे, जो वह सोचे वही होवै….जानिए क्या है इनका अर्थ

    ShagunBy ShagunJune 14, 2025 ज़रा हटके No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,169

    घाघ व भड्डरी की “नीति व स्वास्थ्य” सम्बंधी कहावतें शुद्ध देहाती हिन्दी भाषा में लिखी गयी इन कहावतों को हम आसानी से कंठस्थ करके अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं इस में केवल “नीति व स्वास्थ्य” संबंधी कहावतों को ही शामिल किया है…

    चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल।
    सावन साग न भादों दही, क्वारें दूध न कातिक मही।
    मगह न जारा पूष घना, माघे मिश्री फागुन चना।

    घाघ कहते हैं, चैत (मार्च-अप्रेल) में गुड़, वैशाख (अप्रैल-मई) में तेल, जेठ (मई-जून) में यात्रा, आषाढ़ (जून-जौलाई) में बेल, सावन (जौलाई-अगस्त) में हरे साग, भादों (अगस्त-सितम्बर) में दही, क्वार (सितम्बर-अक्तूबर) में दूध, कार्तिक (अक्तूबर-नवम्बर) में मट्ठा, अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में जीरा, पूस (दिसम्बर-जनवरी) में धनियां, माघ (जनवरी-फरवरी) में मिश्री, फागुन (फरवरी-मार्च) में चने खाना हानिप्रद होता है…

    जाको मारा चाहिए बिन मारे बिन घाव।
    वाको यही बताइए घुइया पूरी खाव॥

    घाघ कहते हैं, यदि किसी से शत्रुता हो तो उसे अरबी की सब्जी व पूड़ी खाने की सलाह दो इसके लगातार सेवन से उसे कब्ज की बीमारी हो जायेगी और वह शीघ्र ही मरने योग्य हो जायेगा पहिले जागै पहिले सौवे, जो वह सोचे वही होवै….

    घाघ कहते हैं, रात्रि में जल्दी सोने से और प्रातःकाल जल्दी उठने से बुध्दि तीव्र होती है यानि विचार शक्ति बढ़ जाती है…

    प्रातःकाल खटिया से उठि के पिये तुरन्ते पानी।
    वाके घर मा वैद ना आवे बात घाघ के जानी।।

    भड्डरी लिखते हैं, प्रातः काल उठते ही, जल पीकर शौच जाने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है, उसे डाक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती…

    सावन हरैं भादों चीता, क्वार मास गुड़ खाहू मीता।
    कातिक मूली अगहन तेल, पूस में करे दूध सो मेल
    माघ मास घी खिचरी खाय, फागुन उठि के प्रातः नहाय।
    चैत मास में नीम सेवती, बैसाखहि में खाय बसमती।
    जैठ मास जो दिन में सोवे, ताको जुर अषाढ़ में रोवे॥

    भड्डरी लिखते हैं, सावन में हरै का सेवन, भाद्रपद में चीता का सेवन, क्वार में गुड़, कार्तिक मास में मूली, अगहन में तेल, पूस में दूध, माघ में खिचड़ी, फाल्गुन में प्रातःकाल स्नान, चैत में नीम, वैशाख में चावल खाने और जेठ के महीने में दोपहर में सोने से स्वास्थ्य उत्तम रहता है, उसे ज्वर नहीं आता…

    कांटा बुरा करील का, औ बदरी का घाम।
    सौत बुरी है चून को, और साझे का काम॥

    घाघ कहते हैं, करील का कांटा, बदली की धूप, सौत चून की भी, और साझे का काम बुरा होता है…

    बिन बैलन खेती करै, बिन भैयन के रार।
    बिन महरारू घर करै, चैदह साख गवाँर॥

    भड्डरी लिखते हैं, जो मनुष्य बिना बैलों के खेती करता है, बिना भाइयों के झगड़ा या कोर्ट कचहरी करता है और बिना स्त्री के गृहस्थी का सुख पाना चाहता है, वह वज्र मूर्ख है…

    ताका भैंसा गादरबैल, नारि कुलच्छनि बालक छैल।
    इनसे बांचे चातुर लौग, राजहि त्याग करत हं जौग॥

    घाघ लिखते हैं, तिरछी दृष्टि से देखने वाला भैंसा, बैठने वाला बैल, कुलक्षणी स्त्री और विलासी पुत्र दुखदाई हैं चतुर मनुष्य राज्य त्याग कर सन्यास लेना पसन्द

    करते हैं, परन्तु इनके साथ रहना पसन्द नहीं करते…
    जाकी छाती न एकौ बार, उनसे सब रहियौ हुशियार।

    घाघ कहते हैं, जिस मनुष्य की छाती पर एक भी बाल नहीं हो, उससे सावधान रहना चाहिए क्योंकि वह कठोर ह्दय, क्रोधी व कपटी हो सकता है ‘‘मुख-सामुद्रिक‘‘ के ग्रन्थ भी घाघ की उपरोक्त बात की पुष्टि करते हैं…

    खेती पाती बीनती, और घोड़े की तंग।
    अपने हाथ सँभारिये, लाख लोग हों संग॥

    घाघ कहते हैं, खेती, प्रार्थना पत्र, तथा घोड़े के तंग को अपने हाथ से ठीक करना चाहिए किसी दूसरे पर विश्वास नहीं करना चाहिए…

    जबहि तबहि डंडै करै, ताल नहाय, ओस में परै।
    दैव न मारै आपै मरैं।

    भड्डरी लिखते हैं, जो पुरूष कभी-कभी व्यायाम करता हैं, ताल में स्नान करता हैं और ओस में सोता है, उसे भगवान नहीं मारता, वह तो स्वयं मरने की तैयारी कर रहा है…

    विप्र टहलुआ अजा धन और कन्या की बाढि़।
    इतने से न धन घटे तो करैं बड़ेन सों रारि॥

    घाघ कहते हैं, ब्र्राह्मण को सेवक रखना, बकरियों का धन, अधिक कन्यायें उत्पन्न होने पर भी, यदि धन न घट सकें तो बड़े लोगों से झगड़ा मोल ले, धन अवश्य घट जायेगा…

    औझा कमिया, वैद किसान। आडू बैल और खेत मसान।

    भड्डरी लिखते हैं, नौकरी करने वाला औझा, खेती का काम करने वाला वैद्य, बिना बधिया किया हुआ बैल और मरघट के पास का खेत हानिकारक है।

    Shagun

    Keep Reading

    'Impossible' tiger hunt in Dudhwa Tiger Reserve: Death of Rajeshwari rhino reveals secrets of the forest!

    दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का ‘असंभव’ शिकार: राजेश्वरी गैंडे की मौत ने जंगल के राज उजागर किए!

    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?

    अमेरिकी दादागिरी हिंद महासागर तक पहुंची : क्या भारत अपने मेहमान की रक्षा करने में नाकाम रहा?

    A new marriage ignited by suspicion: The shocking truth from Gurugram

    शक की आग में जलती एक नई शादी: गुरुग्राम की दिल दहला देने वाली सच्चाई

    The Great Coincidence of Eclipses and Its Unique Story

    ग्रहणों का महासंयोग और उसकी अनोखी कहानी

    Khamenei's assassination: India's silence and the world's morality questioned

    खामेनेई की हत्या: भारत की खामोशी और दुनिया की नैतिकता पर सवाल?

    Believe it or not: Mysterious sight captured in Arizona's Monument Valley, wind waves or the play of invisible creatures?

    मानो या न मानो: Arizona की मॉन्यूमेंट वैली में कैद हुआ रहस्यमयी नजारा, हवा की लहरें या अदृश्य जीवों का खेल?

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    'Impossible' tiger hunt in Dudhwa Tiger Reserve: Death of Rajeshwari rhino reveals secrets of the forest!

    दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का ‘असंभव’ शिकार: राजेश्वरी गैंडे की मौत ने जंगल के राज उजागर किए!

    March 6, 2026
    Akshay Kumar and Shikhar Dhawan Turn ‘Bhooth Bangla’ Set into a Mini Cricket Stadium Cricket Fever on the Sets of ‘Bhooth Bangla’: Akshay Kumar and Shikhar Dhawan’s Fun Match

    ‘भूत बंगला’ के सेट पर क्रिकेट का तूफान: अक्षय कुमार और शिखर धवन ने मचाया धमाल!

    March 6, 2026
    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?

    अमेरिकी दादागिरी हिंद महासागर तक पहुंची : क्या भारत अपने मेहमान की रक्षा करने में नाकाम रहा?

    March 5, 2026
    “Madhurima Tuli’s Kurti Charm: Redefining Everyday Elegance” “From Casual to Couture: How Madhurima Tuli Turned a Kurti into a Style Statement” “Street-Style Grace: Madhurima Tuli’s Effortless Kurti Moment”

    मधुरिमा तुली का कुर्ती जादू: सादगी में छिपा स्टाइल का राज, उर्वशी रौतेला बनीं मॉडर्न-डे मधुबाला

    March 5, 2026
    After Bhool Bhulaiyaa 3, Roz Sardana takes a new flight, shooting with Jesse Lever in the valleys of Nashik.

    भूल भुलैया 3 के बाद रोज़ सरदाना की नई उड़ान, नासिक की वादियों में जेसी लीवर के साथ रोमांचक शूटिंग

    March 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading