ठण्ड में रास्ता भटकी बूढ़ी दादी की मदद कर विवेक ने पहुंचाया घर

0
704

विवेक के इस पुण्य कार्य की सोशल मीडिया पर सकारात्मक चर्चा

लखनऊ 12 दिसम्बर। विवेक ने ठण्ड में रात में रास्ता भटकी बूढ़ी दादी की मदद कर उनको ससमान घर पहुंचाकर मानवता की मिशाल कायम की विवेक के इस पुण्य कार्य की सोशल मीडिया पर चर्चा है। इस कार्य में डायल 100 की भी बड़ी भूमिका है।

विवेक के अनुसार सोमवार रात लखनऊ में अपनी फ़िल्म की शूटिंग ख़त्म कर के घर जाते वक़्त क़रीब 3.30 बजे के आस पास फ़न मॉल के पास हाथ में चप्पल पकड़ कर के एक नाममात्र का कम्बल ओढ़े एक बूढ़ी दादी सड़क पार कर के जा रही थी, पहले तो मैंने धन नी दिया और आगे निकल गया, अचानक ख़याल आया, बाइक रोकी, वापस आया।

मैंने पूछा- दादी यहाँ क्या कर हो? उन्होंने कहा भैया रास्ता भटक गाएँन हैं, नाम “रघुराजे” ,और आगे की बातचीत में पता चला कि इनके दामाद और फ़ैमिली जानकीपुरम में रहते है, और ये दादी टाँडा की रहने वाली हैं, इनका पोता राहुल किसी जानंवरों के हॉस्पिटल में काम करता है, दादी ने कहा के शाम से कुछ खाया नहि है, सिर्फ़ पानी पिया है और अभी ज़ुबान सुख गयी है, कहीं से पानी पिलवा दो, मैंने कई कर, ऑटो, बाइकसवार लोगों को रोकना चाहा पर कोई मदद नहीं मिली।

क़रीब 107 साल की बूढ़ी दादी से कहा के पुलिस को बुला देता हूँ वो आप को घर पंहुचा देंगे, दादी बोली नहि भैया पुलिस में न दो हमको, हमका पॉलीटेक्निक पर पहुँचा दो हम चले जाएँगे,….लेकिन
मैंने पुलिस हेल्प लाइन dial 100 को सूचना दी, और डाइल 100 की एक गाड़ी आयी और सबसे पहले दादी को पानी दिया गया और फिर पुलिस की अपनी पूछताछ।
और फिर इन्हे हम लोग ले कर बतायें जा रहे पतों पर भटकते रहे,दादी पुलिस कार में और मैं अपनी बाइक से.
बातों बातों में पता चला के ये दादी स्वतंत्रता सेनानी हैं और महात्मा गांधी जी के साथ कोलकाता में कई आंदोलन में साथ थी, और इन्हे वो साल, तारीख़, दिन सब कुछ अब तक याद है।

जनता के बीच नकारात्मक छवि वाली पुलिस का एक अच्छा साफ़ चेहरा भी नज़र आया।
डाइल 100 वैन PRB 0467
1-भानु दोहरे (चालक)
2-शिव प्रकाश कुशवाह
3- मुनेश्वर बक्स वर्मा (कॉन्स्टबल)

पुलिस के इन तीनो साथियों ने 4.00 am से सुबह क़रीब 6 बजे तक पूरी सवेदनशीलता के साथ मेरे साथ (या यू कहूँ के मैं उनके साथ) दादी के पोते ( राहुल) जहाँ वो किराये पर रहता है तक पहुँचा दिया।

यक़ीन मानिए इतनी ख़ुशी हुई दादी को राहुल तक पहुँचा कर, पुलिस के साथी भी मेरे साथ ख़ुश थे, नेक काम किया था सब ने।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here