Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    संस्मरण वर्षा काले: बचपन का जल जीवन

    ShagunBy ShagunJuly 8, 2020 Hot issue No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 538

    अरविन्द कुमार साहू

    आज अधिकाँश गाँवों में हैंडपम्प, टुल्लू पम्प, सब्मर्सिबल या पाईप लाईन से सप्लाई तकनीक के सहारे जरुरी उपयोग का पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन सिर्फ तीस-पैंतीस वर्ष पीछे जायें तो ऐसा बिल्कुल भी नही था। हर मुहल्ले में कुएँ या तालाब भी नही होते थे। नदी किनारे बसे गाँवों की बड़ी आबादी नहाने, कपडे व बर्तन धोने तथा पीने के लिये काफी दूरियाँ तय करते हुए, जंगली जानवरों तथा अराजक तत्वों से खतरों के बावजूद नदी के पानी पर ही आश्रित होती थी।

    प्रतिवर्ष नदी में डूबकर, या किसी मगरमच्छ का शिकार होकर अनेक जानें जाती थी। सर पर पीतल या मिट्टी की गागरें लादकर घाट पर आते जाते गाँव की किशोरियाँ या महिलाएँ भी प्राय: दबंगों की कुदृष्टि का शिकार हो जाती थी। गाँव के तालाबों पर भी ऐसी परिस्थितियाँ अक्सर बनती थी। निजी तालाब व कुएँ अक्सर जाति- पाति और निजता के शिकार होते थे और यदा – कदा बने निजी कुएँ सबके लिये दुर्लभ ही थे।

    मेरी याददाश्त के अनुसार मेरा बचपन रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले के कई गाँवों में बीता । यह 1970 के दशक की आखिरी और अस्सी के दशक की शुरुवात थी। मेरे आवास के दोनो पैतृक गाँवों में घर के सामने पुरखों के बनवाये निजी कुएँ थे, जिनसे पुरवाही के सहारे पास के खेतों में सिंचाई भी होती थी। मीठा पानी होने के कारण इनसे सार्वजनिक रूप से पूरे मुहल्ले को जिनमें दलित व ब्राह्मण भी थे, किसी को पीने के पानी की कभी कोई दिक्कत या भेदभाव नही होने दिया गया।
    किन्तु मेरी ननिहाल नायन स्टेट मे नाना के घर के सामने जो कुआँ था, उसका पानी समुद्री जल की तरह खारा था। ये पीने में नमकीन और बेस्वाद था, इससे कपडे भी ठीक तरह साफ नही होते थे और चूल्हे पर उबलती दाल तो बिल्कुल भी नहीं गलती थी। गाँव के कुछ लोग वहाँ नहा लेते थे तो कुछ लोग सुबह नित्यक्रिया,नहाने व कपडे धोने के लिये छोटे समूह में एक-डेढ़ किलोमीटर दूर नदी के घाट पर ही निकल जाते थे।

    इस पूरे गाँव में ऐसा एक ही कुआँ था जो पूर्व रजवाडे की हवेलीनुमा आवास के सामने था। इसका पानी मीठा था और बड़ा आकार होने के कारण या मिठउवा कुआँ या बड़े कुआँ दोनों नाम से प्रसिद्ध था। पूरे गावँ के बीच स्थित इस कुएँ पर दबंगों के डर व अन्तिम घरों से काफी दूरी के बावजूद वहाँ से सारा गाँव थोड़ा- थोड़ा पानी लेने आ ही जाता था। जब भी हम ननिहाल जाते तो हमें वहाँ घर के सामने वाले कुएँ का खारा पानी अच्छा नही लगता था, तब मेरी मौसी या नानी आदि वहाँ से मिठऊवा कुआँ जाकर हम लोगों के लिये पीने और दाल उबालने के लिये एक या दो घड़ा रोज भरकर लाती थी। बाकी काम के लिये लोग मजबूरन खारे पानी के कुओं से ही ज्यादा काम चलाते थे।

    एक राज की बात बताऊँ कि गर्मी की सन्नाटे वाली भरी दोपहर या कभी भी अकेले हमारे घर की औरतों को उस तरफ़ जाने की मनाही थी। बाद में एक बार मैने अपनी माँ को किसी से बतियाते सुना कि मीठे कुएँ के सामने रहने वाले उस हवेली के कुछ दबंग लोग सन्नाटे में पानी भरने आने वाली युवतियों को गंदे-गन्दे कामुक इशारे करते और फब्तियां कसते थे। उन्होने यहाँ तक बताया कि उस कुएँ पर अकेले पानी भरने गयी कुछ युवतियाँ ऐसा गायब हुई थी कि उनका आज तक कोई सुराग ही नही मिला।

    Shagun

    Keep Reading

    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    The spreading web of prostitution: Moral decay and social silence.

    वेश्यावृत्ति का फैलता जाल: नैतिक पतन और सामाजिक चुप्पी

    Ladakh's 'Rishi' on a hunger strike for India!

    भारत के लिए अनशन पर लद्दाख का ऋषि !

    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    अनशन की जिद छोड़ें, सिस्टम बदलने के लिए लम्बा संघर्ष करें

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    Ethanol Blending Controversy: Public Concern vs. Government Agenda

    एथनॉल ब्लेंडिंग विवाद: जनता की चिंता vs सरकार का एजेंडा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Veer Abdul Hamid's 93rd Birth Anniversary: ​​Patriotic Celebrations at Zanana Park.

    वीर अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती: ज़नाना पार्क में देशभक्ति का जश्न

    July 15, 2026
    Soniya Bansal Calls Shreya Kalra the Real Game Changer of Lock Upp 2

    सोनिया बंसल ने श्रेया कालरा को बताया ‘रियल गेम चेंजर’

    July 15, 2026
    Trump Claims Positive Talks with Iran, but Tensions Persist in Hormuz

    ईरान पर लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमले, होर्मुज में नाकेबंदी; खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ी

    July 15, 2026
    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    July 15, 2026
    Sonam Wangchuk on hunger strike for the 18th day; Shankaracharya says the PMO must intervene immediately.

    18वें दिन भी अनशन पर सोनम वांगचुक, शंकराचार्य बोले- PMO तुरंत हस्तक्षेप करे

    July 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading