चल टिकट परीक्षकों को हैंडहेल्ड टिकट मशीन देने की तैयारी, हैंडहेल्ड टर्मिनल की कनेक्टिविटी मशीन को लेकर चल रहा परीक्षण
नई दिल्ली, 04 मार्च 2019: यात्रियों के लिए यह सुखद खबर हो सकती है कि अब चलती ट्रेन में खाली बर्थ की जानकारी यात्रियों को होगी। इसके बाद यात्री अगले स्टेशन पर उस ट्रेन में टिकट और बर्थ बुक करा सकेगा। इतना ही नहीं, उस ट्रेन में आरएसी और वेटिंग लिस्ट पर सफर कर रहे यात्रियों को खाली बर्थ मिल सकेगी। इसके लिए उसके चलती ट्रेन में चल टिकट परीक्षक (टीटीई) के चक्कर नहीं काटने हैं बल्कि यह सब ऑनलाइन होगा। मोबाइल पर यात्रियों की चलती ट्रेन में बर्थो की उपलब्धता जान सकेंगे।
बता दें कि इस व्यवस्था को संभव करने के लिए हैंडहेल्ड टिकट मशीन अथवा अन्य उपलब्ध तकनीकी को अपनाने का परीक्षण चल रहा है। हाल ही में रेल मंत्रालय ने आरक्षित बर्थ और सीटों की उपलब्धता की जानकारी सीधे यात्रियों तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था का अंजाम दिया है। इस व्यवस्था से ट्रेन छूटने से चार घंटे पहले तैयार होने वाले आरक्षण चार्ट में उपलब्ध बर्थो और ट्रेन रवाना होने से पहले तैयार होने वाले दूसरे चार्ट में खाली बर्थो की स्थिति को ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे ट्रेन में बर्थो के उपलब्ध होने पर यात्री टिकट बुक करा सकेंगे। अब इसके आगे की सुविधा को सीधे यात्रियों तक पहुंचाने में लगा है।
अब सुविधा तलाशी जा रही है कि अगर दोनों चार्ट तैयार होने के बाद आरक्षण यात्री स्टेशन नहीं पहुंच पाता है और उसकी बर्थ खाली रह जाती है तो उसे कैसे ऑनलाइन किया जाए। इसके लिए रेलवे चल टिकट परीक्षकों (टीटीई) को हैंडहेल्ड टिकट मशीन देने की तैयारी में लगा हुआ है। इससे ट्रेन का कोच चेक होने के बाद यह पता हो सकेगा कि कितनी बर्थों पर यात्री नहीं आए या उनकी टिकट ट्रेन रवाना होने के बाद रद्द हुई है। इन खाली बर्थो को टीटीई अपने हैंडहेल्ड टिकट मशीन से ऑनलाइन रेल आरक्षण केंद्र (पीआरएस) को भेजेगा, जहां यह डाटा पहुंचने के बाद आईआरसीटीसी के रिजव्रेशन पोर्टल पर खाली बर्थो ऑनलाइन हो जाएंगी। इसके बाद अगले स्टेशनों पर यात्री इन्हें बुक कराकर यात्रा कर सकेगे। इसके लिए हैंडहेल्ड टिकट मशीनों की पीआरएस को भेजने के लिए कनेक्टिीविटी और अन्य तकनीकी उपायों को परखने में लगा हुआ है। इसके सफल परीक्षण के बाद इन्हें लागू भी कर दिया जाएगा। इस संबंध में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी अधिकारियों को मिलने पर सुझावों पर अमल करने को कहा है।







