नई दिल्ली 4 जुलाई : इजरायल ने ईरान पर न्यूक्लियर हथियार बनाने का इल्ज़ाम लगाया और फिर शुरू हुई 12 दिन की जंग | इस जंग में अमेरिका ने भी कूदकर ईरान के तीन अहम न्यूक्लियर ठिकानों फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर बंकर बस्टर बमों से हमला कर दिया। अब विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ये हमले ईरान को और खतरनाक रास्ते पर धकेल सकते हैं।
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी खतरनाक रास्ता अपना सकते हैं खामेनेई
उधर ईरान अब न्यूक्लियर हथियार बनाने की राह पर गुपचुप तरीके से चल सकता है, क्योंकि ईरान संयुक्त राष्ट्र की न्यूक्लियर निगरानी संस्था आईएईए के साथ सहयोग खत्म करने का फैसला किया है और गैर-परमाणु प्रसार संधि (एनपीटी) से भी बाहर निकलने की दिशा में काम कर रहा है। इसके बाद ईरान के परमाणु गतिविधि दुनिया की नजरों से ओझल रहेगी और निगरानी लगभग नामुमकिन हो जाएगी।
न्यूज़ 24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक हाईलाइट में बताया गया है कि तेहरान: इजरायल के हमले में ईरान की इमारतें ध्वस्त हुईं, सीसीटीवी फुटेज में दिखा हमले का भयानक मंजर, इजरायल के हमले में ईरान के 935 लोग मारे गए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार न्यूक्लियर हथियारों के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमलों ने ईरान को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां वह गुप्त रूप से न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश तेज कर सकता है। परमाणु प्रसार के विशेषज्ञ हावर्ड स्टॉफर ने एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि आखिरी बार उत्तर कोरिया ने एनपीटी से बाहर निकलकर न्यूक्लियर हथियार बनाए थे। अब ईरान भी वही रास्ता चुन सकता है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेश कियान ने आईएईए के साथ सहयोग खत्म करने का बिल पास कर लिया है और एनपीटी से बाहर निकलने पर विचार कर रहे हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में 500 से अधिक लोग मारे गए, जबकि एक मानवाधिकार संगठन ने मरने वालों की संख्या 950 बताई। इजरायल में ईरानी जवाबी हमलों से 24 लोगों की मौत हुई।
CCTV फुटेज में दिखी इजरायली हमलों से तेहरान में तबाही
तेहरान में इजरायली हमलों से कई इमारतें ध्वस्त हुईं, जिनमें मेहराबाद हवाई अड्डा, एविन जेल, और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के मुख्यालय शामिल हैं। बीबीसी वेरिफाई ने मेहराबाद हवाई अड्डे पर हुए हमलों की तस्वीरें और वीडियो सत्यापित किए, जिसमें F-14 टॉमकैट जेट्स और गोदामों को नुकसान पहुंचा।
फिलहाल युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान के NPT से बाहर निकलने और IAEA के साथ सहयोग समाप्त करने से वैश्विक चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जैसा कि उत्तर कोरिया ने 2003 में किया था।







