सऊदी-बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे समेत जॉर्डन के ब्रिज टारगेट पर, ट्रंप को भारतीय मूल के जज का झटका; सोशल मीडिया पर ICJ का वायरल दावा
नई दिल्ली : युद्ध के बढ़ते कदम से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमले में अपने B1 ब्रिज के नुकसान का बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी मीडिया ने 8 प्रमुख पुलों की लिस्ट जारी कर दी, जिसमें सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे, जॉर्डन के किंग हुसैन ब्रिज, दमिया ब्रिज और अब्दौन ब्रिज शामिल हैं। ईरान का कहना है कि एक के बदले आठ टारगेट पर हमला हो सकता है।
इस बीच ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने बैलिस्टिक मिसाइल से इजरायल के F-16 जेट को मार गिराया है। यह दावा क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाओं को और बढ़ा रहा है।

अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका
दूसरी ओर, अमेरिकी जिला अदालत के भारतीय मूल के जज अमित मेहता ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका दिया है। जज ने कहा कि 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिंसा से पहले ट्रंप का भाषण उनके आधिकारिक कर्तव्यों में नहीं आता, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति संरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता। यह फैसला जनवरी 6 मामले में ट्रंप के खिलाफ चल रही सिविल मुकदमों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है एक ब्रेकिंग
एक वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने इजरायल को ‘अवैध राज्य’ घोषित कर दिया है और फिलिस्तीनी क्षेत्रों से हटने का आदेश दे दिया है। हालांकि यह पुरानी खबर का नया रूप है और फैक्ट-चेकर्स इसे misrepresentation बता रहे हैं।
ईरान की आक्रामक रणनीति, F-16 का दावा और ट्रंप को अदालती झटका – ये घटनाएं दिखा रही हैं कि वैश्विक स्तर पर तनाव तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया अब अगले कदमों का बेसब्री से इंतजार कर रही है।







