ट्रंप को स्पेन का करारा जवाब, चीन बोला- लेबनान को दूसरा गाजा नहीं बनने देंगे, ईरान का अमेरिकियों को वायरल ‘दोस्ती’ मैसेज
नई दिल्ली/वाशिंगटन : पूरी दुनिया में इज़रायल तेजी से अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। जो देश कल तक उसके साथ खड़े थे, वही आज खुलकर सवाल उठा रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री ने लेबनान में हमले और नरसंहार को लेकर इज़रायल की तीखी आलोचना कर दी। उधर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने ट्रंप को सीधा जवाब देते हुए इराक युद्ध का हवाला दिया, जबकि चीन ने लेबनान से तुरंत हटने की मांग कर डाली। साथ ही ईरान का एक दिल छू लेने वाला संदेश अमेरिकी नागरिकों के लिए वायरल हो रहा है।
कनाडा PM मार्क कार्नी का हमला: “लेबनान में नरसंहार”
कनाडा के प्रधानमंत्री ने इज़रायल की लेबनान नीति पर पहली बार खुलकर निशाना साधा। उन्होंने हमले और नागरिकों पर हो रहे नरसंहार को “अस्वीकार्य” बताया। जो देश पहले इज़रायल का मजबूत समर्थक था, वह आज सवाल पूछ रहा है यह अलगाव की नई मिसाल है।
स्पेन PM का ट्रंप को करारा जवाब
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने ट्रंप को सीधा चेतावनी देते हुए कहा, “23 साल पहले अमेरिका ने हमें इराक युद्ध में घसीटा था। सद्दाम के परमाणु हथियारों का बहाना बनाया गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। अब आप हमें दोबारा बेवकूफ नहीं बना सकते!” यह जवाब ट्रंप की ईरान-इज़रायल नीति पर सीधा प्रहार था।
इटली इज़राइल के खिलाफ़ यूरोपियन प्रतिबंधों का समर्थन करेगा : जार्जिया मेलोनी
उधर अन्य अपडेट के अनुसार इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने कहा : “मैं इज़राइल पर रेड लाइन पार करने का आरोप लगाती हूँ, मैं फ़िलिस्तीनी नागरिकों के नरसंहार की निंदा करती हूँ, और मैं घोषणा करती हूँ कि इटली इज़राइल के खिलाफ़ यूरोपियन प्रतिबंधों का समर्थन करेगा।
चीन का बड़ा बयान: “लेबनान को गाजा मत बनाओ”
चीन ने इज़रायल से साफ-साफ कहा—लेबनान से तुरंत हट जाओ। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, “लेबनान को दूसरा गाजा नहीं बनने देना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गाजा की दुखद घटना को कभी दोहराने नहीं देना चाहिए।” यह चीन का अब तक का सबसे सख्त बयान माना जा रहा है।
जर्मन नेता ने युद्ध का ‘असली चेहरा’ दिखाया
ट्रंप ने कहा था, “ईरान हमला करना नहीं चाहता था और वह न्यूक्लियर हथियारों के करीब भी नहीं था।” जर्मन नेता ने तुरंत सवाल किया – “तो फिर इस युद्ध का मकसद क्या है? शासन परिवर्तन? हॉर्मुज़ खोलना जो पहले से खुला था?” उन्होंने क्रूर सच्चाई बयां की, “ये युद्ध आजादी और शांति के लिए नहीं, तेल और डॉलर के लिए होते हैं।”
ईरान का वायरल संदेश: अमेरिकी नागरिकों से ‘मित्रता’ का अपील
ईरान का एक दिलचस्प मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है:
“प्रिय अमेरिकी नागरिकों, हम जानते हैं कि यह युद्ध ईरान के साथ आपका युद्ध नहीं है। पिछले एक महीने में आपके समर्थन को हम कभी नहीं भूलेंगे! मिसाइलें हमारे साथ हैं, सड़कें आपके साथ हैं। हम सब मिलकर उस मूर्ख, युद्ध भड़काने वाले ट्रंप को हरा देंगे!”
बता दें कि ये घटनाएं साफ बताती हैं कि इज़रायल और ट्रंप की आक्रामक नीतियां अब ग्लोबल स्तर पर अलगाव का शिकार हो रही हैं। कल तक के सहयोगी आज सवाल पूछ रहे हैं और आम लोग रास्ते अलग कर रहे हैं। 2026 का यह दौर मध्य पूर्व की राजनीति में नया मोड़ साबित हो सकता है।






